यूएस-तालिबान शांति वार्ता के पीछे पाक निभा रहा बड़ी भूमिका

By Independent Mail | Last Updated: Feb 11 2019 12:52PM
यूएस-तालिबान शांति वार्ता के पीछे पाक निभा रहा बड़ी भूमिका

एजेंसी, इस्लामाबाद। अफगानिस्तान में अमेरिकी हमले को खत्म हुए लंबा अरसा बीत चुका है। अब पाकिस्तान ने अफगान तालिबान के साथ अमेरिकी शांति वार्ता में पर्दे के पीछे से अहम भूमिका अदा करनी शुरू कर दी है। अमेरिकी अधिकारियों और तालिबान सूत्रों ने यह जानकारी दी है। पाकिस्तान सहयोग न करने वाले तालिबान नेताओं पर दबाव भी डाल रहा है। विद्रोहियों का कहना है कि इनमें आतंकवादियों के परिवारों को हिरासत लेने का मसला भी शामिल है। शांति वार्ता में पाकिस्तान की भूमिका काबिलेतारीफ है। इस्लामाबाद, तालिबान के ऊपर दिखने वाले अपने प्रभाव को नजरअंदाज करने की कोशिश कर रहा है, जिसे लेकर वॉशिंगटन लंबे समय से आरोप लगता रहा है। सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान की यह मदद अस्थाई हो सकती है। वहीं तालिबान भी इस्लामाबाद का अहसान लेना नहीं चाहता है। 17 साल पुरानी लड़ाई के दौरान पाकिस्तान में विद्रोहियों के छिपने की सुरक्षित जगह और उन्हें मदद के अमेरिकी आरोपों को पाकिस्तान नकारता रहा है। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर इस बातचीत में पाकिस्तान की भूमिका पर कहा, हम जानते हैं कि पाकिस्तान की मदद के बिना यह शांति वार्ता संभव नहीं होगी। उन्होंने कुछ कदम उठाए हैं और विचार-विमर्श के लिए दोहा की यात्रा भी की है। तालिबान के सूत्रों ने कहा कि तालिबान को शांति वार्ता तक लाने के में पाकिस्तान का योगदान रहा है। सबसे पहले, इस्लामाबाद ने धार्मिक नेताओं के जरिए आतंकवादियों को एक संदेश भेजा कि उन्हें अमेरिका से बात करनी होगी। तालिबान के एक नेता ने कहा कि उन्होंने तालिबानी सदस्यों के परिवारों को हिरासत में ले लिया ताकि दबाव बनाया जा सके। नाम न बताने की शर्त पर तालिबानी नेता ने कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवादियों पर 'बहुत ज्यादा दबाव' बनाया और कई महीनों तक उनके करीबी रिश्तेदारों को हिरासत में रखा। तालिबानी नेता के मुताबिक, 'पाकिस्तान ने हमें (तालिबान) को स्पष्ट कर दिया कि हमें अमेरिका और अफगान सरकार से बात करनी होगी।'

image
Copyrights @ 2017 Independent NewsCorp (P) Ltd., Bhopal. All Right Reserved