कोडिंग के लिए चार साल की डिग्री की जरूरत नहीं

By Independent Mail | Last Updated: May 12 2019 9:32AM
कोडिंग के लिए चार साल की डिग्री की जरूरत नहीं

एजेंसी, सैन फ्रांसिस्को। एप्पल के सीईओ टिम कुक का मानना है कि कोडिंग के लिए चार साल की डिग्री लेने की आवश्यकता बिल्कुल नहीं है। उन्होंने इसे 'पुराना और पारंपरिक नजरिया' करार दिया। इस हफ्ते की शुरुआत में कुक ने ऑरलैंडो, फ्लोरिडा का दौरा कर एक 16 वर्षीय कोडर, लियाम रोसेनफेल्ड से मुलाकात कर उसे आश्चर्यचकित किया था। मैक रयूमर्स के अनुसार, लियाम कैलिफोर्निया के सैन जोस में अगले महीने एप्पल के वार्षिक वल्र्डवाइड डेवलपर्स कॉन्फ्रेंस (डब्ल्यूडब्ल्यूडीसी) में भाग लेने वाले 350 छात्रवृत्ति विजेताओं में से एक है। फ्लोरिडा में रहते हुए, कुक ने एक सम्मेलन में भी भाग लिया, जिसमें एसएपी और एप्पील ने मशीन लर्निग (एमएल) और ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर) जैसी तकनीकों का लाभ उठाते हुए नए एंटरप्राइज ऐप पर केंद्रित एक विस्तारित साझेदारी की घोषणा की।

उदाहरण के साथ समझाया

टेकक्रंच ने कुक के हवाले से शुक्रवार को कहा कि मुझे नहीं लगता कि एक कोडिंग में कुशलता हासिल करने के लिए चार साल की डिग्री लेने की जरूरत है। एक उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यदि हम शुरुआती ग्रेड में कोडिंग प्राप्त कर सकते हैं और हमें हाई स्कूल के कार्यों में कठिनाई हो रही है, तो हमें कोडिंग करने के लिए स्नातक करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि आप लियाम जैसे बच्चों को स्नातक कराते हैं, वे पहले से ही कोडिंग कर रहे हैं। उनके बनाए ऐप्स को ऐप स्टोर पर रखा जा सकता है।

अब भी कर रहे पुरानी तकनीक का उपयोग

रिपोर्ट में कहा गया है कि कुक का मानना है कि कई व्यवसायों ने अभी भी तकनीकी प्रगति को नहीं अपनाया है और अभी भी वे बहुत पुरानी तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन एसएपी और एप्पल के अधिक समाधानों के साथ और रोसेनफेल्ड जैसे भविष्य के तकनीक-प्रेमी कर्मचारी के साथ इसे बदला जा सकता है।

फेसबुक ने द. कोरियाई फर्म पर मुकदमा दायर किया

सैन फ्रांसिस्को। कैम्ब्रिज एनालिटिका डेटा घोटाले के बाद, अब फेसबुक ने दक्षिण कोरियाई डेटा एनालिटिक्स कंपनी रेंकवेव के खिलाफ कैलीफोर्निया स्टेट कोर्ट में मुकदमा दायर किया है, क्योंकि उस कंपनी ने फेसबुक के प्लेटफॉर्म पर अपने ऐप चलाए हैं। मुकदमे में आरोप लगाया है कि रेंकवेव ने फेसबुक के डेवलपर प्लेटफॉर्म के डेटा का दुरुपयोग किया है और एक अनिवार्य अनुमति ऑडिट के साथ सहयोग करने से इंकार करने के साथ ही साथ डेटा हटाने का भी अनुरोध किया है। फेसबुक ने हाल ही में अपने प्लेटफॉर्म पर पर्सनैलिटी क्विज ऐप्स को बैन करने की घोषणा की है क्योंकि इससे रिसचर्स की पहुंच 8.7 करोड़ यूजर्स के निजी जानकारी तक रहती है। इस कदम को पिछले साल हुए कैम्ब्रिज एनालिटिका डेटा घोटाले के बाद लिया गया।

तुर्की ने फेसबुक पर लगाया 20 लाख 80 हजार डॉलर का जुर्माना

अंकारा। तुर्की के पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन अथॉरिटी ने फेसबुक पर डाटा अतिक्रमण मामले में करीब 16.5 लाख तुर्की लिरास (20 लाख 80 हजार डॉलर) का जुर्माना लगाया है। बीते साल सितंबर में तुर्की के करीब 3 लाख यूजर्स डाटा अतिक्रमण से प्रभावित हुए थे। डाटा अतिक्रमण के कारण उनकी व्यक्तिगत तस्वीरें जारी हो गई थीं। तुर्की वाचडॉग के अनुसार, बीते सितंबर में 12 दिन तक बग की चपेट में रहने के दौरान फेसबुक उचित तकनीक और प्रशासनिक उपाय करने में असफल रहा था।

कंपनी ने की बग की पहचान

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर में फेसबुक ने बयान दिया था कि कंपनी ने एक फोटो एपीआई बग की पहचान की है, जो तीसरे व्यक्ति को फेसबुक यूजर्स की व्यक्तिगत फोटो जारी करने की अनुमति दे रहा है। उस दौरान बग के बारे में फेसबुक ने कहा था, 876 डेवलेपर्स द्वारा निर्मित करीब 1,500 एप्स के जरिए 68 लाख लोगों कि निजी तस्वीरे जारी हो सकती हैं। तुर्की वाचडॉग सितंबर, 2018 से डाटा अतिक्रमण मामले में फेसबुक की जांच कर रहा है। अज्ञात हैकरों ने 5 करोड़ यूजर्स के निजी जानकारी चुराने के लिए तीन बगों का इस्तेमाल किया था।

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