ये घरेलू नुस्खे दूर करेंगे ब्लैक हेड्स की समस्या

By Independent Mail | Last Updated: Jan 5 2019 9:31AM
ये घरेलू नुस्खे दूर करेंगे ब्लैक हेड्स की समस्या

ब्लैक हेड्स की समस्या से हम सभी को दोचार होना पड़ता है खासकर आजकल के प्रदूषण भरे माहौल में यह समस्या काफी आम हो गई है। ब्लैक हेड और कुछ नहीं हमारे रोम छिद्र हैं जो धूल, धुएं, मृत त्वचा और तेल की वजह से बंद हो जाते हैं। अगर हम चाहें तो घर पर कुछ घरेलू नुस्खे अपना कर इनसे छुटकारा पा सकते हैं।

बेकिंग सोडा के इस्तेमाल से

दो चम्मच पानी में एक चम्मच बेकिंग सोडा मिलाकर इस पेस्ट को हम अपने चेहरे पर खासकर ब्लैक हेड वाली जगह पर लगाएं। करीब 15 से 20 मिनट रुक कर चेहरे को गुनगुने पानी से धो लें। बेकिंग सोडा से हमारे चेहरे की मृत त्वचा अपने आप निकल जाती है इसके अलावा इसके एंटी बैक्टीरियल गुण भी त्वचा में होने वाली खुजली और इन्फेक्शन को दूर करते हैं।

ग्रीन टी भी रखती है ब्लैक हेड्स से दूर

ग्रीन टी के एंटी ऑक्सिडेंट गुण इसे एक बेहतरीन औषधि का दर्जा दिलाते हैं। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि ब्लैक हेड्स से निबटने में भी ग्रीन टी काफी फायदेमंद है। आपको करना केवल इतना है कि एक टेबल ग्रीन टी पाउडर को पानी के साथ मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना लें। इसे अपने चेहरे पर 15 से 20 मिनट लगाकर गुनगुने पानी से चेहरा धो लें। ब्लैक हेड्स से छुटकारा मिल जाएगा।

टमाटर का पेस्ट भी है जादुई

टमाटर केवल सलाद या सब्जी नहीं है बल्कि कई औषधीय गुणों से भरपूर है। आपको सोने से पहले कुछ रोज टमाटर का पेस्ट बनाकर उसे ब्लैक हेड्स वाले इलाके में लगाना है। कुछ देर बाद इसे धो लेना है। टमाटर में भी एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं। धीरे-धीरे इसके इस्तेमाल से आपके रोम छिद्र खुल जाएंगे और त्वचा स्वस्थ हो जाएगी।

दालचीनी पाउडर से ब्लैक हैड्स होंगे ही नहीं

दालचीनी पाउडर का इस्तेमाल करने से न केवल ब्लैक हेड्स खत्म हो जाएंगे बल्कि भविष्य में भी आपको इनकी समस्या नहीं होगी। आपको हर रोज नींबू के रस में एक चुटकी दालचीनी पाउडर मिलाकर इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाना है। कुछ देर बाद इसे सामान्य पानी से धो डालें। दालचीनी पाउडर से आपका ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होगा और नींबू का रस बंद रोम छिद्र खोल देगा।

क्या आपको पता है बैठकर खाना खाने के कितने फायदे हैं? अगर नहीं, तो यहां जानें

आज की भागदौड़ वाली जिंदगी में लोगों के पास बैठकर सुकून से खाना खाने का भी समय नहीं है। कई लोग खड़े होकर तो कई चलते-फिरते खाना खाते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि इस तरह खाने की वजह से आपकी रीढ़ की हड्डी के साथ ही मेंटल हेल्थ को भी नुकसान पहुंच रहा है।

डाइजेशन में होती है परेशानी

जब हम खड़े होकर खाना खाते हैं जो फूड डाइजेस्ट होने में ज्यादा समय लेता है। साथ ही में जल्दबाजी में व्यक्ति ज्यादा खाना खा लेता है। ज्यादा खाना और उसका धीमा पाचन पेट से संबंधित परेशानी खड़ी कर सकता है।

बैठकर खाना खाने के फायदे

नीचे बैठकर खाना खाने के दौरान हम जिस तरह बैठते हैं वह योग के एक क्रिया से काफी मिलती जुलती है। पैरों को मोड़कर बैठना, खाने की बाइट थाली से लेने के लिए आगे झुकना फिर सीधे होकर खाना, यह सब पेट में मौजूद मसल्स को डाइजेस्टिव जूस निकालने में मदद करता है जिससे खाना आसानी से पच जाता है।

पीठ से जुड़ी परेशानी होती है कम

रोज नीचे बैठकर खाना खाने से शरीर और फ्लेक्सिबल होता है। नीचे बैठने के दौरान हम जिस तरह से खाना खाते हैं वह पीठ के लिए भी अच्छा होता है जो बैक से संबंधित परेशानियों को कम करता है।

वजन को मेंटेन रखने में मिलती है मदद

बैठकर खान खाने से पेट जल्दी भरता है। वहीं खड़े होकर खाना खाने के दौरान व्यक्ति भूख से ज्यादा खाना खा लेता है। ऐसे में वजन को मेंटेन रखने के लिहाज से भी बैठकर खाना बेहतर ऑप्शन है।

पॉस्चर सुधरता है

खड़े होकर खाने के दौरान हम बहुत ज्यादा झुकते हैं साथ ही में खुद को रिलैक्स करने के लिए शरीर के किसी एक हिस्से पर जोर देते हैं। रोज ऐसा करने से इसका असर रीढ़ की हड्डी पर होने लगता है। वहीं बैठकर खाना खाने से बॉडी पॉस्चर में सुधार होता है।

ब्लड फ्लो में सुधार, दिल होता है मजबूत

नीचे बैठकर खाना खाने से शरीर में खून के बहाव और सर्कुलेशन भी अच्छा होता है। क्रॉस-लेग्स बैठने पर नसों का खिंचाव दूर होता है और वह ज्यादा रिलैक्स होती हैं। इससे दिल के आसपास का प्रेशर भी कम होता है, जो उसे मजबूत बनाता है।

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