अयोध्या मामले की सुनवाई स्थगित होने से संत निराश, मुख्य पुजारी दास बोले

By Independent Mail | Last Updated: Oct 29 2018 11:02PM
अयोध्या मामले की सुनवाई स्थगित होने से संत निराश, मुख्य पुजारी दास बोले

एजेंसी, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के साधु-संतों ने सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अयोध्या टाइटल सूट मामले की सुनवाई जनवरी तक स्थगित करने पर निराशा जाहिर की। महंत परमहंस दास कहा कि हिंदू समुदाय और साधु-संतों में लंबी प्रतीक्षा करने का धैर्य नहीं है। दास हाल ही में अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर निर्माण शीघ्र कराने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे थे। उन्होंने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से राम मंदिर का निर्माण आरंभ करने की घोषणा जल्द करने को कहा। उन्होंने कहा कि इस कार्य में विफल होने पर भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) को हिंदुओं के कोप का भाजन बनना पड़ेगा। उन्होंने कहा, भाजपा राम मंदिर निर्माण का वादा करके केंद्र और उत्तर प्रदेश की सत्ता में आई। अब वादा पूरा करने का समय आ गया है। राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास ने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि शीर्ष अदालत द्वारा विलंब किए जाने से भगवान राम को लंबे समय तक तंबू में इंतजार करना पड़ेगा।

मोदी सरकार पर डालेंगे दबाव

अखिल भारतीय संत समिति के अध्यक्ष जितेंद्रानंद सरस्वती ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण में आगे किसी भी प्रकार का विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे सर्वोच्च न्यायाल की सुनवाई का इंतजार नहीं करेंगे, बल्कि राम मंदिर निर्माण के लिए संसद में विधेयक लाने के लिए नरेंद्र मोदी सरकार पर दबाव डालेंगे। निर्मोही अखाड़ा के एक प्रवक्ता ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के मसले को लेकर उनका भाजपा सरकार से भरोसा उठ गया है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का जो फैसला होगा उसको वह स्वीकार करेंगे।

राम मंदिर मामले में अदालत कुछ नहीं करेगी: शिवसेना

नई दिल्ली। शिवसेना ने सोमवार को कहा कि अयोध्या मामले में अदालत कुछ नहीं करेगी। पार्टी ने मांग करते हुए कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण होना चाहिए। शिवसेना के सांसद संजय राउत ने इस मामले की सुनवाई अगले वर्ष जनवरी तक टालने पर प्रतिक्रिया करते हुए कहा, हमने 25 वर्ष पहले अदालत से पूछकर मंदिर नहीं गिराई थी। हमारे हजारों कारसेवकों ने अदालत से पूछकर अपनी जान नहीं गंवाई थी। हमने अयोध्या आंदोलन शुरू करने से पहले अदालत की इजाजत नहीं ली थी। उन्होंने कहा, हम अयोध्या में राम मंदिर चाहते हैं। हम पाकिस्तान या करांची में राम मंदिर बनाने की मांग नहीं कर रहे हैं। हमारी मांग भगवान राम के अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण की है। उन्होंने कहा कि पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे जल्द ही अयोध्या जाएंगे और इस मामले में देश के समक्ष अपने विचार रखेंगे।

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