मायावती पर सपा कार्यकर्ता हमला करेंगे तो मैं बचाऊंगी : उमा

By Independent Mail | Last Updated: Mar 15 2019 7:08PM
मायावती पर सपा कार्यकर्ता हमला करेंगे तो मैं बचाऊंगी : उमा

एजेंसी, लखनऊ। लोकसभा चुनाव के लिए तारीखों का ऐलान होने के साथ ही नेताओं की बयानबाजी का दौर तेज होता जा रहा है। इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने लखनऊ में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) मुखिया मायावती पर तंज कसते हुए कहा कि इस बार भी अगर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता मायावती पर हमला करें, तो मैं उन्हें बचाऊंगी। उमा ने कहा कि समाजवादी पार्टी के लोग उन पर हमला जरूर करेंगे, चाहे चुनाव के पहले करें या फिर चुनाव के बाद। उन्होंने कहा कि जब गेस्ट हाउस में मायावती जी पर हमला हुआ था, तब ब्रह्मदत्त द्विवेदी जी थे। अब वह नहीं हैं, तो मैं हूं। जैसे ही उनको संकट आए, तो मेरा मोबाइल नंबर रखें और तुरंत मुझे फोन करें। उन पर संकट आना जरूर है।

1995 का मामला दिया याद:-

उमा भारती ने मायावती को वर्ष 1995 की वह घटना याद दिलाई है, जब समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और विधायकों ने लखनऊ के स्टेट गेस्ट हाउस पर हमला बोल दिया था। बसपा विधायकों के साथ मारपीट की गई थी और मायावती ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया था। उनका दरवाजा तोड़ने की कोशिश भी की गई थी।

रेशमा पटेल ने भाजपा छोड़ी:

गांधीनगर। गुजरात में साढ़े दो वर्षों तक पटेल आंदोलन का महिला चेहरा रहीं रेश्मा पटेल ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया और कहा कि पार्टी सिर्फ एक 'मार्केटिंग कंपनी' है, और कुछ नहीं। हार्दिक पटेल की अगुवाई में पाटीदार आंदोलन की एक मुख्य सदस्य रहीं रेशमा पटेल ने बाद में भाजपा की सदस्यता ले ली थी। उन्होंने गुजरात भाजपा अध्यक्ष जीतू वघानी को अपना इस्तीफा सौंप दिया। अपने पत्र में उन्होंने कहा कि भाजपा अब केवल एक मार्केटिंग कंपनी बन गई है और हमें सरकार की फर्जी नीतियों और फर्जी योजनाओं की मार्केटिंग करने और लोगों को मूर्ख बनाने के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैं लगातार दुख और अन्याय होते देखना नहीं चाहती और इसलिए मैंने खुद को इस तरह के तानाशाह नेताओं अन्यायपूर्ण साझेदारी से मुक्त कर लिया और जनहित में पार्टी से इस्तीफा दे रही हूं।

आश्वासन नहीं किया पूरा:

सरकार ने आश्वासन दिया था कि पटेल समुदाय की मांगों को स्वीकार किया जाएगा, जिसके बाद वह भाजपा में शामिल हो गई थीं। जब पटेल को पाटीदार अनामत आंदोलन समिति के अन्य नेताओं के साथ भाजपा में शामिल किया गया था तो उन्हें प्रवक्ता की जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन, बाद में रेशमा पटेल ने पार्टी के खिलाफ रुख अख्तियार कर लिया और उन्होंने कई मुद्दों पर भाजपा की आलोचना की।

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