मंगल पर पहली बार पानी की झील होने के सबूत मिले

By Independent Mail | Last Updated: Jul 26 2018 5:23PM
मंगल पर पहली बार पानी की झील होने के सबूत मिले

एजेंसी, वॉशिंगटन। वैज्ञानिकों को मंगल ग्रह पर तरल अवस्था में पानी की मौजूदगी के सबूत मिले हैं। अनुमान है कि यह झील दक्षिणी ध्रुव पर करीब 20 किलोमीटर के इलाके में फैली है। हालांकि, यह पानी बर्फ की एक किलोमीटर मोटी चट्टान के नीचे हो सकता है। यूरोपीय स्पेस एजेंसी के मार्स एक्सप्रेस ऑर्बिटर ने यह जानकारी दी है। मंगल पर पानी की मौजूदगी तो पहले भी साबित हुई, लेकिन पूरी झील होने होने के सबूत पहली बार मिले। ऑर्बिटर के भेजे आंकड़ों का इटली के वैज्ञानिकों ने तीन साल तक अध्ययन किया। इस दौरान उन्होंने पाया कि रडार से भेजी गईं तरंगें बर्फ को तो पार कर रही थीं, लेकिन दक्षिणी ध्रुव के पास जाकर लौट आ रही थीं। इससे वहां पानी का जलाशय होने की संभावना बढ़ गई। ऑस्ट्रेलिया के स्विनबर्न विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर एलन डफी ने इसे शानदार उपलब्धि करार देते हुए कहा कि इससे जीवन के अनुकूल परिस्थितियों की संभावनाएं खुलती हैं। इससे पहले अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी 'नासा' ने घोषणा की कि मंगल पर 2012 में उतरे खोजी रोबोट क्यूरियोसिटी को चट्टानों में तीन अरब साल पुराने कार्बनिक अणु मिले हैं। यह इस बात की ओर संकेत करती है कि उस जमाने में इस ग्रह पर जीवन रहा होगा। नासा के सौर प्रणाली अन्वेषण विभाग के निदेशक पॉल महाफी ने कहा कि यह एक रोमांचक खोज है।

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