विधायक पुत्र ने दी डिप्रेशन में जान !

By Independent Mail | Last Updated: Aug 4 2018 2:44PM
विधायक पुत्र ने दी डिप्रेशन में जान !

इंडिपेंडेंट मेल, पटना। जदयू विधायक पुत्र की हत्या मामले में पुलिस प्रेम-प्रसंग को जोड़ कर जांच में जुट गई है। अब तक जो पुलिसिया जांच हुई है उससे यह लग रहा है कि दीपक डिप्रेशन में था। पुलिस दीपक के दोस्तों से पूछताछ के बाद इस नतीजे पर पहुंची है कि वह एक इंटर की छात्रा के साथ प्रेम करता था और उससे शादी करना चाहता था लेकिन परिवार वालों को यह पसंद नहीं था। दीपक जिस लड़की से प्रेम करता था वह पूर्णिया के रुपौली स्थित उसके घर के पास की रहने वाली थी। दीपक खुद भी पढ़ाई में बहुत मजबूत नहीं था। इस कारण उसने बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड से मैट्रिक की परीक्षा पास की थी।

लड़की से प्रेम करता था दीपक

जिस लड़की से दीपक प्रेम करता था वह लड़की फिलहाल इंटर में पढ़ाई कर रही है और दोनों एक दूसरे को बचपन से जानते थे। शादी को लेकर घर में या दोनों परिवारों के बीच काफी विवाद भी चल रहा था। इसी कारण लड़की के घर वाले लड़की को यहां से हटाने के ख़याल से पढ़ाई के लिए चंडीगढ़ भेज दिया था। कहा जाता है कि विधायक पुत्र उससे मिलने चंडीगढ़ भी जाता था। दीपक के दोस्तों ने पुलिस को बताया कि दीपक हमेशा अपनी प्रेमिका से बात करता था। वैसे अब तक जो पुलिस ने जांच की है उससे दीपक के शरीर पर कोई जख्म के निशान नहीं मिले। पटरी से चोट लगने के कारण उसके मस्तिष्क के अंदर का भाग जरूर क्षतिग्रस्त हो गया है। बदन में गोली लगने या चाकू मारने का कोई निशान नहीं है ।

घटना के दिन दोस्तों के साथ ठहरा हुआ था

घटना के दिन दीपक जय महावीर कॉलोनी में अपने दोस्तों के साथ ठहरा हुआ था। वहां से रेलवे लाइन की दूरी महज 500 से 700 मीटर की थी, आशंका है कि डिप्रेशन में आये दीपक ने अपने जीवन को समाप्त करने के लिए रेल पटरियों का सहारा लिया। यह भी हो सकता है कि वह मुख्य सड़क पर जाने के लिए पटरी पार कर रहा हो और ट्रेन के गुजरने के कारण उसे झटका लगा और वह ट्रेन हादसे का शिकार हो गया। बीमा भारती के लिखे आवेदन पर पटना रेल पुलिस ने दीपक की हत्या का एफआईआर दर्ज कर लिया है। दीपक के पिता और विधायक बीमा भारती के पति अवधेश मंडल का कहना है कि उनके बेटे के मोबाइल पर कुछ दिनों पहले धमकी भरे कॉल आए थे। कॉल करने वाला शख्स गुगुल मंडल था। जो लिब्रेशन आर्मी के अध्यक्ष व पूर्व विधायक शंकर सिंह के लिए काम करता है। शंकर सिंह और चंदन सिंह से अवधेश मंडल की पुरानी अदावत रही है। आरोप है कि साल 2003 में इन दोनों ने मिलकर अवधेश मंडल के पिता अर्जुन मंडल और मां की हत्या कर दी थी। उस वक्त अवधेश मंडल खुद जेल में सजा काट रहे थे। अवधेश मंडल और बीमा भारती का दावा है कि उनके बेटे के उपर चाकू से वार किया गया है और साजिश के तहत हत्या की गई है।

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