सोनिया और राहुल को झटका तो लगा है

By Independent Mail | Last Updated: Dec 6 2018 10:57PM
सोनिया और राहुल को झटका तो लगा है

नेशनल हेराल्ड मामले में आयकर विभाग की कार्रवाई रोकने की सुप्रीम कोर्ट द्वारा अस्वीकृति कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी मां सोनिया गांधी के लिए बहुत बड़ा धक्का है। अदालत ने हालांकि कहा है कि मामला लंबित होने तक आयकर विभाग कोई कार्रवाई नहीं करेगा, लेकिन वह 2011-12 के कर निर्धारण के मामलों को फिर से खोल सकता है। इसे रोकने के लिए ही इन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। यह ठीक है कि अदालत के अगले आदेश से पहले आयकर विभाग कर निर्धारण से संबंधित आदेश पर अमल नहीं करेगा, लेकिन वह शेष प्रक्रिया पूरी कर सकता है। अदालत ने मामले की सुनवाई की तारीख आठ जनवरी-2019 तय की है और उस दिन देखना होगा कि वह क्या फैसला देती है? नेशनल हेराल्ड मामले में राहुल गांधी, सोनिया गांधी सहित दूसरे अारोपियों यानी ऑस्कर फर्नांडिस, मोतीलाल वोरा आदि को भी अदालत से निराशा ही हाथ लगी है। कोर्ट से केवल उन्हें जमानत मिली हुई है। राहुल और सोनिया को निचली अदालत ने 19 दिसम्बर, 2015 को जमानत दी थी। वर्ष 2011-12 के कर निर्धारण को फिर से खोलने के आयकर विभाग के फैसले को पहले इन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी, जो पिछले 10 सितम्बर को खारिज हो गई। उसी के विरुद्ध ये सुप्रीम कोर्ट गए हैं। भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी की याचिका पर नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस नेताओं के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई चल रही है। स्वामी ने वित्त मंत्री को भी कर चोरी के बारे में याचिका दी थी। इसमें सामान्य पूंजी से एक नई कंपनी बनाकर धोखाधड़ी एवं साजिश के तहत करोड़ों का गबन करने का आरोप है। आरोप है कि 50 लाख रुपये से नवम्बर 2010 में यंग इंडिया का सृजन किया गया था और उसने नेशनल हेराल्ड अखबार चलाने वाले एसोसिएटेड जर्नल्स के लगभग सारे शेयर अवैध तरीके से ले लिए। आयकर विभाग का कहना था कि यंग इंडिया में राहुल के जो शेयर हैं, उससे उन्हें पहले कर निर्धारण के अनुसार 154 करोड़ रुपये की आमदनी होगी। आयकर विभाग पहले ही यंग इंडिया को वर्ष 2011-12 के लिए 249 करोड़ रुपये के मांग का नोटिस जारी कर चुका है। वैसे कर निर्धारण मामले में सुप्रीम कोर्ट के विपरीत फैसले से भी मुख्य मामले पर कोई अंतर नहीं आएगा। कांग्रेस के वकील अभी तक मामले को लंबा खींचने में सफल रहे हैं, लेकिन सच यह है कि यही स्थिति अनवरत नहीं रह सकती।

वरिष्ठ पत्रकार प्रियांशु गीत के फेसबुक पेज से

image
Copyrights @ 2017 Independent NewsCorp (P) Ltd., Bhopal. All Right Reserved