चर्चा का विषय भी नहीं बन सका रेल हादसा

By Independent Mail | Last Updated: Feb 6 2019 12:35AM
चर्चा का विषय भी नहीं बन सका रेल हादसा

हमारे देश पर राजनीति इतनी हावी है कि बड़ी खबरें भी उसके नीचे दब जाती हैं। बिहार के वैशाली जिले में जोगबनी-आनंद विहार सीमांचल एक्सप्रेस का दुर्घटनाग्रस्त होना ऐसी ही खबर थी, जिस पर गंभीरता से मंथन किए जाने की आवश्यकता थी, लेकिन वह दब गई। ऐसी मानसिकता ठीक नहीं कि इस हादसे में केवल छह लोग काल के गाल में समाए या दो दर्जन के आसपास घायल हुए, इसलिए यह छोटी घटना है। दुर्घटना कुल मिलाकर दुर्घटना है। हताहत होने वालों की संख्या कम या ज्यादा होना कई कारणों पर निर्भर करता है। वैसे एक व्यक्ति का हताहत होना भी देश के लिए चिंता कारण होना चाहिए। आखिर रेल यात्रा को लोग सबसे सुरक्षित यात्रा मानते हैं। जो यात्री टिकट खरीदकर अपने गंतव्य के लिए चलते हैं, उनको सुरक्षित पहुंचाना रेलवे की जिम्मेदारी है। चलती रेल के 11 डिब्बे पटरी से उतर जाएं, यह सामान्य बात नहीं हो सकती। जो सूचना है, उसके अनुसार वैशाली जिले के सहदेई बुजुर्ग रेलवे स्टेशन के पास अचानक ट्रेन के डिब्बे पटरी से उतर गए। अचानक कैसी विपदा आई होगी, इसकी केवल कल्पना की जा सकती है। रेल के डिब्बे पटरी से क्यों उतर गए? ऐसा कुछ ही स्थितियों में होता है। या तो कोई लाइन से छेड़छाड़ कर दे, या विस्फोट हो जाए या किसी कारण लाइन नीचे-ऊपर हो जाए या लाइन कमजोर होने के कारण रेल फिसल जाए। बताया जा रहा है कि रेल की पटरी में दरार आ गई थी। क्यों आई दरार? क्या वहां जमीन धंस गई थी या कुछ और कारण था? यह किसी असामाजिक तत्व की करतूत तो नहीं? पटरियों के एक-एक इंच को सुरक्षा घेरे में लाना संभव नहीं। लेकिन ऐसी तकनीकों को इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे अगर कहीं पटरी में समस्या है, तो उसका पता निगरानी करने वालों को चल जाए और वह चालक को सूचित कर सके। चालक के सामने कुछ दूरी तक की पटरी की स्थिति का ज्ञान होने की तकनीक भी विकसित हो गई है। मोदी सरकार रेलवे को विश्व श्रेणी में खड़ा करने के कदम उठा रही है और उसके परिणाम भी आए हैं। पर इस रेल दुर्घटना उसके सारे कदमों पर भारी पड़ जाती है। इसलिए स्थानीय रख-रखाव और सुरक्षा के साथ उपलब्ध तकनीकों को अपनाने की प्रक्रिया तेज की जानी चाहिए। इसमें अब ज्यादा देरी बड़ी दुर्घटना को न्योता देने वाली साबित हो सकती है।

वरिष्ठ पत्रकार आरएस विश्वकर्मा के ब्लॉग से...

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