अब बंद होना चाहिए राफेल पर जारी संग्राम

By Independent Mail | Last Updated: Jan 5 2019 12:46AM
अब बंद होना चाहिए राफेल पर जारी संग्राम

अगर यह प्रश्न करें कि लोकसभा में राफेल पर बहस से हासिल क्या हुआ, तो जवाब में निराशा ही हाथ लगेगी। इसलिए नहीं कि लोकसभा में राफेल से संबंधित सार्वजनिक किए जाने वाले तय रखे नहीं गए, बल्कि इसलिए कि बहस के बावजूद इस पर विवाद का अंत नहीं हुआ। चिंता की बात यह है कि बहस के बीच संसद के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए कांग्रेस के सदस्यों ने कागज के जहाज बनाकर उड़ाए। संसद बहस के लिए है और उसकी नियमावली तथा मर्यादाएं हैं। इसका ध्यान सभी माननीय सदस्यों को रखना है। कांग्रेस सबसे ज्यादा समय तक शासन करने वाली पार्टी रही है। इस समय भी लोकसभा में सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी वही है। सरकार पर हमला करना, उसे घेरना उसकी भूमिका में है। मगर इस तरह आप संसद की मर्यादा को रौदेंगे तो बचेगा क्या? शासन में आज एक दल या गठबंधन है, कल कोई दूसरा आएगा। लेकिन संसद को तो कायम रहना है। उसके सम्मान और गरिमा को बचाए रखना सबका दायित्व है। राजनीतिक प्रतिस्पर्धा इस सीमा तक नहीं जानी चाहिए। जहां तक राफेल का सवाल है, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने वही सब बातें दुहराईं, जो वे लंबे समय से करते आ रहे हैं। इनमें अनेक आरोप तथ्यों से परे हैं। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने राहुल पर करारा प्रहार करते हुए तथ्यों से अवगत भी कराया, लेकिन राहुल और कांग्रेस ने राफेल पर एक राजनीतिक स्टैंड ले लिया है, जिससे वे पीछे हटने को तैयार नहीं। आखिर, जब यह साफ हो गया है कि राफेल जहाज बनाने वाली मुख्य कंपनी दसॉल्ट ने ऑफसेट के तहत अनेक कंपनियों से साझेदारी की है और रिलायंस डिफेंस की उसमें से केवल तीन प्रतिशत की हिस्सेदारी है, तो फिर 30 हजार करोड़ रुपया अनिल अंबानी की जेब में डालने के आरोप की क्या तुक है? यह भी साफ हो गया है कि ऑफसेट की कुल रकम भी 30 हजार करोड़ रुपया नहीं है। जाहिर है, कांग्रेस चुनाव को ध्यान में रखते हुए अपनी राजनीतिक रणनीति के तहत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भ्रष्टाचारी साबित करना चाहती है और इसलिए वह अपने आरोपों पर कायम है। बिना प्रमाण एक टेप को पटल पर रखने की अनुमति मांगना इसी रणनीति के तहत था। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों का भी जब नेताओं पर असर नहीं है, तो संसद में दिए गए जवाब का कहां से हो सकता है।

राष्ट्रवादी विचारक लोकेंद्र सिंह के ब्लॉग से...

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