चुनाव प्रचार तीर्थयात्रा की तरह रहा: मोदी

By Independent Mail | Last Updated: May 22 2019 5:47AM
चुनाव प्रचार तीर्थयात्रा की तरह रहा: मोदी

एजेंसी, नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के एग्जिट पोल्स आने के बाद एक तरफ कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों में खलबली मची हुई है, ईवीएम को लेकर आशंकाएं और आरोपों का दौर जारी है, तो वहीं दूसरी तरफ बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए काफी आश्वस्त दिख रहा है। बीजेपी का आत्मविश्वास ही है कि 23 मई को नतीजे आने से पहले मंगलवार को दिल्ली के होटल अशोक में न सिर्फ एनडीए के घटक दलों के नेताओं के लिए डिनर रखा गया बल्कि यहां सभी सहयोगी दलों की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सम्मानित भी किया गया। इस दौरान मोदी ने कहा चुनाव प्रचार उनके लिए एक तीर्थयात्रा की तरह रहा।

प्रचार काे बताया तीर्थयात्रा

ससे पहले, बीजेपी मुख्यालय पर अपने मंत्रि परिषद के सदस्यों के लिए आयोजित 'स्वागत एवं आभार मिलन समारोह' में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकसभा चुनाव प्रचार अभियान की तुलना तीर्थयात्रा से की। उन्होंने कहा कि ऐसा लगा जैसे जनता देश के पुनर्जागरण और राष्ट्रीय उत्थान के अभियान में योगदान देने के लिए कृत संकल्पित थी। उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल पार्टी ने नहीं बल्कि जनता ने भी लड़ा। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैंने कई चुनाव देखे हैं लेकिन यह चुनाव राजनीति से परे है। इस चुनाव को जनता तमाम तरह की दीवारों को लांघ कर लड़ रही थी। मैंने कई विधानसभा चुनाव और पिछले लोकसभा चुनाव में प्रचार अभियान में हिस्सा लिया था। इस दौरान देशभर का दौरा भी किया पर इस बार का चुनाव प्रचार ऐसा लगा कि जैसे तीर्थयात्रा हो।

ये हुए डिनर में शामिल

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की पहल पर एनडीए के शीर्ष नेताओं की यह बैठक ऐसे समय में बुलाई गई जब 22 विपक्षी दलों ने कुछ देर पहले ही ईवीएम को लेकर चुनाव आयोग से कई मांगें सामने रखी। होटल अशोक में आयोजित डिनर बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानीसामी तथा एलजेपी प्रमुख रामविलास पासवान, शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे शामिल हुए। शिरोमणि अकाली दल का प्रतिनिधित्व पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और पार्टी नेता सुखबीर सिंह बादल ने किया।

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