SC/ST एक्ट में संशोधन को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा

By Independent Mail | Last Updated: Feb 10 2020 3:25PM
SC/ST एक्ट में संशोधन को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा

 नई दिल्ली, एजेंसी : उच्चतम न्यायालय ने अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति संशोधन अधिनियम 2018 की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा है। शीर्ष अदालत ने कहा कि कोई अदालत सिर्फ ऐसे ही मामलों पर अग्रिम जमानत दे सकती है, जहां प्रथमदृष्टया कोई मामला नहीं बनता हो। उच्चतम न्यायालय का यह फैसला एससी-एसटी संशोधन अधिनियम 2018 को चुनौती देने वाली जनहित याचिकाओं पर आया है। तीन जजों की पीठ में दो-एक से यह फैसला कोर्ट ने सुनाया है।   

दो साल पहले सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज होने पर तत्काल गिरफ्तार पर रोक लगाई थी। साथ ही आरोपियों को अग्रिम जमानत देने का प्रावधान किया था। इसके बाद सरकार ने कानून में बदलावों को दोबारा लागू करने के लिए संशोधन बिल पास कराया था। जस्टिस अरुण मिश्र, जस्टिस विनीत सरन और जस्टिस रवींद्र भट की बेंच ने सोमवार को इस मामले में 2-1 से फैसला दिया, यानी दो जज फैसले के पक्ष में थे और एक ने इससे अलग राय रखी।
 
 
 
 
 
 
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