56 जंगी जहाजों और पनडुब्बियों को नौसेना में शामिल करने की तैयारी

By Independent Mail | Last Updated: Dec 3 2018 11:28PM
56 जंगी जहाजों और पनडुब्बियों को नौसेना में शामिल करने की तैयारी

एजेंसी, नई दिल्ली। नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा ने सोमवार को कहा कि नौसेना अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए 56 जंगी जहाजों और पनडुब्बियों को शामिल करने की योजना बना रही है। इसके साथ ही एक तीसरा विमानवाहक पोत लाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। उन्होंने देश को यकीन दिलाया कि नौसेना भारत के समुद्री इलाकों में दिन-रात निगरानी कर रही है। उन्होंने कहा कि देश पूरी तरह सुरक्षित है। भारत की सेनाएं कमजोर नहीं हैं। उनकी ताकत को दुश्मन अच्छी तरह से समझता है। ये सभी बातें उन्होंने अपनी सालाना पत्रकार वार्ता में नई दिल्ली में कहीं। उन्होंने कहा कि 56 जंगी जहाजों और पनडुब्बियों को नौसेना में शामिल करने की योजना तैयार है। ये निर्माणाधीन 32 जंगी जहाजों के अतिरिक्त होंगे। इसके बाद भारतीय नौसेना की प्रहारक क्षमता में जबर्दस्त इजाफा होगा। हालांकि, वह अब भी कमजोर नहीं है। आईएनएस अरिहंत को नौसेना में शामिल करने के बाद हमारी मारक क्षमता बढ़ गई है।

तीसरा मालवाहक पोत जल्द मिलेगा

एडमिरल सुनील लांबा ने कहा कि नौसेना को तीसरा मालवाहक पोत जल्द मिलेगा। रक्षा मंत्रालय इसे नौसेना में शामिल करने की प्रक्रिया पूरी कर रहा है। बता दें कि नौसेना में पांच पांच ऑफशोर गश्ती वाहनों को भी शामिल किया जाना है। इनको बनाने का ठेका रिलायंस नेवल इंजीनियरिंग लिमिटेड को दिया गया है। इस विषय पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में एडमिरल ने कहा, हम अनुबंध पर गौर कर रहे हैं। करार के लिए बैंक गारंटी मिल चुकी है। यह काम भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि तटीय सुरक्षा बढ़ाने के प्रयासों के तहत मछली पकड़ने वाली तकरीबन ढाई लाख नौकाओं पर स्वत: पहचान करने वाले ट्रांसपोर्डर लगाने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। इसके बाद नौकाओं की पहचान आसान हो जाएगी कि कौन भारत की है और कौन विदेशी।

सेशल्स में बनेगा अड्डा

भारतीय नौसेना सेशल्स के एजम्पशन द्वीप पर एक अड्डा बनाने की तैयारी में है। इस विषय पर पूछे गए सवाल के जवाब में एडमिरल लांबा ने कहा कि इस अड्डे को बनाने के लिए सेशल्स की सरकार से बातचीत चल रही है और उसकी सहमति जल्द मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि अब हिंद महासागर की स्थितियां बेहतर हो रही हैं। मालदीव में अब भारत के प्रति बेहतर रवैया रखने वाली सरकार बन जाने पर दोनों देश समुद्री सहयोग बढ़ा सकेंगे।

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