राजस्थान में गुर्जर आरक्षण आंदोलन का तीसरा दिन

By Independent Mail | Last Updated: Feb 11 2019 12:59PM
राजस्थान में गुर्जर आरक्षण आंदोलन का तीसरा दिन
  • प्रदर्शनकारियों ने धौलपुर में फूंक दिए पुलिस के तीन वाहन
  • 12 जिलों में धारा-144 लागू, सुरक्षा बलों की चप्पे पर नजर
  • रेल और सड़क यातायात बाधित, 47 रेलगाड़ियां रद्द, 31 का रूट बदला

एजेंसी, जयपुर। राजस्थान में आरक्षण के लिए जारी गुर्जरों का आंदोलन तीसरे दिन रविवार को हिंसक हो गया। आंदोलनकारियों ने धौलपुर जिले में आगरा-मुरैना राजमार्ग को बंद करने की कोशिश की। इस दौरान उनकी पुलिस के साथ झड़प हुई। उग्र प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के तीन वाहनों को आग लगा दी। इसके बाद पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी। जवाब में प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया, जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। करीब तीन घंटे बाद पुलिस आंदोलनकारियों को खदेड़ने में कामयाब हुई और तब यातायात बहाल हो सका। गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला ने प्रदर्शनकारियों से शांति बरतने की अपील की है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों ने हिंसा फैलाने की कोशिश की है, वे गुर्जर समुदाय के लोग नहीं थे। गुर्जरों के आंदोलन को बदनाम करने के लिए कुछ शरारती तत्वों को उसमें घुसा दिया गया है। राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और भरतपुर रेंज के आईजी भूपेंद्र साहू ने गुर्जर समुदाय से कानून व्‍यवस्‍था बनाए रखने की अपील की।

कई ट्रेनें रद्द, कई के रूट बदले

गुर्जरों के आंदोलन के साथ ही रेलगाड़ियों को रद्द करने या उनका रूट बदलने का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को दिल्ली-मुंबई रूट की एक भी रेलगाड़ी दिल्ली-सवाई माधोपुर के रास्ते नहीं चल पाई। दोनों ही ओर से आने-जाने वाली 31 रेलगाड़ियों के रूट में परिवर्तन किया गया, जबकि 47 गाड़ियां रद्द रहीं। सबसे ज्यादा दिक्कत उन यात्रियों को हो रही है, जिन्हें मुंबई या दिल्ली से राजस्थान जाना है। शुक्रवार से बयाना में फंसे लोगों को बसों के माध्यम से रविवार को उनके गंतव्य तक भेजा गया है। उन्हें ऐसे निकटवर्ती स्टेशन तक भेजा जाएगा, जहां से आराम से गाड़ी मिल सके।

पटरी खाली करें आंदोलनकारी: गहलोत

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलाेत ने गुर्जरों से अपील की है कि वे रेल और सड़क यातायात को बाधित न करें। उन्होंने कहा कि गुर्जर रेल की पटरियां और सड़कों को खाली करके ऐसी जगह बैठें, जहां से उनका आंदोलन चलता रहे और आम जनता को परेशानी भी न हो। अगर आवागमन के दौरान दूसरे राज्यों की जनता को परेशानी होती है, तो इससे राजस्थान की छवि खराब होती है। गुर्जरों को अपनी और राज्य की छवि खराब करने से बचना चाहिए।

पायलट ने उठाया केंद्र पर सवाल

राज्य के उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा है कि गुर्जरों के आंदोलन पर केंद्र सरकार की चुप्पी चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि छोटी सी बात पर ट्वीट करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आखिर इस विषय पर चुप क्यों हैं? उन्होंने पूछा कि कहीं गुर्जरों को भाजपा ने ही तो आंदोलन के लिए नहीं उकसाया।

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