किसान की गांधीगीरी ने दिखाया असर

By Independent Mail | Last Updated: Dec 6 2018 2:42PM
किसान की गांधीगीरी ने दिखाया असर

एजेंसी, नासिक। नासिक जिले का एक किसान इन दिनों चर्चा में है। इसकी वजह है उसकी गांधीगीरी। किसान का नाम संजय साठे है। इस समय प्याज के दाम एक रुपये प्रति किलोग्राम तक आ गए हैं। इसका नुकसान साठे को उठाना पड़ा। साढ़े सात क्विंटल प्याज के दाम उन्‍हें सिर्फ 1064 रुपये ही मिले। गुस्‍से में आकर साठे पोस्ट ऑफिस पहुंचे और 'गांधीगीरी' करते हुए उन्होंने 1064 रुपये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मनीऑर्डर कर दिए। किसान का मनीऑर्डर जाते ही पीएमओ सक्रिय हो गया। घटना की जांच के आदेश दिए गए, लेकिन किसान संजय साठे के नुकसान से ज्‍यादा उनके राजनीतिक संबंधों के बारे में जांच हुई, जिससे संजय और उनके गांव के सरपंच भी नाराज दिखाई दे रहे हैं। सभी एक स्वर मेें कह रहे हैं कि सरकार विरोध प्रदर्शन के किसी भी तरीके को विपक्ष की साजिश मानकर क्यों चलती है।

यह है मामला

बात दें कि संजय साठे की नासिक के पास दो एकड़ जमीन है। उन्होंने एक एकड़ पर प्याज और दूसरे पर अंगूर की खेती की है। प्याज की पैदावार भी अच्‍छी हुई। इसमें उनकी लगभग 75 हजार रुपये की लागत लगी। अच्छी खेती होने से साठे खुश थे, लेकिन उनकी यह खुशी ज्‍यादा देर तक नहीं टिक सकी। जब वह 750 किलो प्याज लेकर लासलगांव मंडी में पहुंचे, तो पता चला कि उस दिन प्याज के दाम कम थे। लिहाजा, उन्हें साढ़े सात क्विंटल प्याज के बदले महज 1064 रुपये मिले। इससे आहत होकर वह सीधे पोस्ट ऑफिस पहुंचे और 1064 रुपये का मनीऑर्डर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम कर दिया। 29 नवंबर को संजय साठे ने मनी ऑर्डर भेजा था। इसके बाद वहां हड़कंप मच गया। आदेश आए कि घटना की जांच हो। नासिक के कलेक्टर को यह आदेश मिलते ही जांच शुरू हुई। ब्लॉक अफसर ने संजय से संपर्क किया और उनसे घटना की जानकारी ली।

राजनीतिक संबंधों की जांच

संजय ने कहा कि मुझे ब्लॉक के अधिकारी का फोन आया और उन्‍होंने मेरे प्याज के खेत और उसे बेचकर मिले पैसे के बारे में पूछा। मुझे लगा यहां बात खत्म हुई, लेकिन बात यहां खत्म नहीं हुई थी। उन्होंने गांव वालों से भी पूछताछ की। नैताली गांव के पूर्व सरपंच राजेंद्र बोरगुडे ने कहा कि सरकारी अफसरों ने संजय के राजनीतिक संबंधों के बारे में पूछा कि वह किसी पार्टी से तो नहीं जुड़े हैं। स्‍थानीय पत्रकारों से भी साठे के राजनीतिक संबंधों के बारे में पूछा गया। हालांकि, वह किसी भी राजनीतिक पार्टी से नहींं जुड़े हैं।

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