भारत की सड़कों पर सुरक्षित नहीं बच्चे

By Independent Mail | Last Updated: Jan 11 2019 8:20PM
भारत की सड़कों पर सुरक्षित नहीं बच्चे

एजेंसी, नई दिल्ली। निसान इंडिया और सेव लाइफ फाउंडेशन के सर्वेक्षण में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया, जिसमें दो-तिहाई लोगों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की और कहा कि भारत की सड़कें बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं है। हैरानी की बात है कि लोगों को मालूम है कि बच्चों के लिए हेलमेट का उपयोग किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे उनकी सुरक्षा होगी, फिर भी वे इसका इस्तेमाल नहीं करते हैं। सर्वेक्षण में 92.8 फीसद लोगों ने कहा कि वे बच्चों के हेलमेट के बारे में जानते हैं, लेकिन महज 20.1 फीसद लोगों ने ही बताया कि वे यात्रा के दौरान बच्चों के लिए हेलमेट का इस्तेमाल करते हैं।

रोजना होती हैं 26 बच्चों की मौत

हाल ही में सड़क और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी एक रिपोर्ट में कहा गया कि 2017 में सड़क हादसों में 9,408 बच्चों की मौत हो गई। इससे जाहिर है कि देश की सड़कों पर रोजाना 26 बच्चों की मौत होती है। शोध रिपोर्ट में कहा गया कि सर्वेक्षण के दौरान सिर्फ 27.7 फीसद लोगों ने बताया कि उनको मालूम है कि देश के मौजूदा काननू में कार की पीछे वाली सीट पर बेल्ट बांधना अनिवार्य है। रिपोर्ट में कहा गया कि 91.4 फीसद लोग मानते हैं कि भारत में बच्चों के लिए सड़क सुरक्षा कानूनों को सख्त बनाने की जरूरत है।

बेल्ट बांधना अनिवार्य

भारत में 90 फीसद लोग कार में पीछे की सीट पर बेल्ट नहीं बांधते हैं, जिससे उनकी जान को हमेशा खतरा बना रहता है। यह तथ्य शुक्रवार को केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा जारी निसान इंडिया और सेव लाइफ फाउंडेशन की शोध रिपोर्ट में उजागर हुआ है। मालूम हो कि देश के मौजूदा काननू में कार की पीछे वाली सीट पर बेल्ट बांधना अनिवार्य है।

महानगरों में हालात गंभीर

इस रिपोर्ट की पुष्टि दिल्ली, मुंबई, जयपुर, बेंगलुरु, कोलकाता और लखनऊ में किए गए सर्वेक्षण से हुई है, जहां 98 फीसद लोगों ने स्वीकार किया कि वे कार की पीछे वाली सीट पर बेल्ट नहीं बांधते हैं। सर्वेक्षण में 70 फीसद लोगों ने कार की पीछे वाली सीट पर बेल्ट होने की पुष्टि की।

केंद्रीय मंत्री को सहयोग की उम्मीद

इस मौके पर केंद्रीय सड़क परिवहन नितिन गडकरी ने कहा कि सरकार सड़क सुरक्षा को अहम मानती है और इस दिशा में लोगों में जागरूकता लाने के प्रयास निरंतर किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि कॉरपोरेट और सिविल सोसाइटी साथ मिलकर सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों में जागरूकता लाने में सहयोग करेंगे।

इनका कहना है

भारत में एक तरफ सड़क सुरक्षा पर जोर दिया जा रहा है तो दूसरी तरफ लोग रियर सीट बेल्ट का इस्तेमाल करने की अनदेखी कर रहे हैं। हम इस पहल के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद करते हैं।

थॉमस क्वेहल, अध्यक्ष, निसान इंडिया

रिपोर्ट में बाल सुरक्षा के महत्वपूर्ण मुद्दों पर रोशनी डाली गई है। लोगों को बच्चों की सुरक्षा के लिए हेलमेट का इस्तेमाल करना चाहिए और स्कूल जोन में सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए। साथ ही, स्कूल बसों के चालकों के लिए विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकता है।

पीयूष तिवारी, सीईओ, सेव लाइफ फाउंडेशन

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