वर्ष-2020 में दो स्तरों की होगी मैथ्स की परीक्षा, बदलाव की तैयारी में जुटा सीबीएसई

By Independent Mail | Last Updated: Jan 11 2019 8:44PM
वर्ष-2020 में दो स्तरों की होगी मैथ्स की परीक्षा, बदलाव की तैयारी में जुटा सीबीएसई
  • 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए गणित होगा आसान

एजेंसी, नई दिल्ली। सीबीएसई (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) ने 10वीं के विद्यार्थियों का तनाव कम करने के लिए बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। बच्चों को सबसे ज्यादा तनाव गणित में होता है, इसलिए सीबीएसई इस विषय की अध्ययन और परीक्षा-प्रणाली में व्यापक बदलाव करेगा। सीबीएसई 2020 से 10वीं की गणित की परीक्षाएं दो स्तरों पर कराएगा। उसके द्वारा जारी किए गए सर्कुलर के मुताबिक, ये दो स्तर मैथमेटिक्स स्टैंडर्ड और मैथमेटिक्स बेसिक होंगे। विद्यार्थी परीक्षा से पहले इनमें से किसी एक का चयन कर सकेंगे। स्टैंडर्ड का पाठ्यक्रम मौजूदा स्तर का ही होगा, जबकि बेसिक को आसान बनाया जाएगा। सीबीएसई के मुताबिक, यह सभी को पता है कि सबसे कठिन विषय 'गणित' की परीक्षा के पहले या उसके दौरान छात्रों को सबसे अधिक तनाव रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने दो स्तरों पर परीक्षा कराने का फैसला किया है। मार्च 2020 से शुरु होने वाले शैक्षिक सत्र में इस परीक्षा प्रणाली को लागू कर दिया जाएगा। पाठ्यक्रम को भी इसी परीक्षा प्रणाली के हिसाब से बदला जाएगा।

एक जैसी होंगी आंतरिक परीक्षाएं

सीबीएसई के द्वारा जारी किए गए सर्कुलर के मुताबिक, दोनों स्तरों के पाठ्यक्रम, क्लासरूम, आंतरिक परीक्षाएं एक जैसी होंगी। इससे छात्रों को पूरे वर्ष सभी टॉपिक पढ़ने का मौका मिल सकेगा। इसके बाद वे अपनी क्षमताओं के आधार पर फैसला ले सकेंगे कि उन्हें कौन सी परीक्षा में शामिल होना है। सीबीएसई उनके निर्णय को स्वीकार करेगा। हालांकि, नौवीं कक्षा की परीक्षा प्रणाली में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा। वह वैसी ही होगी, जैसी अभी होती है।

परीक्षा फॉर्म में भरना होगा स्तर

सीबीएसई ने कहा है कि छात्र-छात्राओं को परीक्षा फॉर्म में इसका जिक्र करना होगा कि उन्होंने गणित में अपने लिए कौन सा स्तर चुना है। स्टैंडर्ड लेवल उन छात्रों को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जो आगे की पढ़ाई गणित विषय के साथ करना चाहते हैं। वहीं, बेसिक स्तर उनके लिए होगा, जो गणित में उच्च शिक्षा हासिल नहीं करना चाहते। अगर छात्र गणित में फेल हो जाता है, तो पुनर्परीक्षा में परीक्षा का स्तर बदल सकता है। अगर छात्र ने मैथमेटिक्स बेसिक को चुना है और वह यह एग्जाम पास कर लेता है, तो वह अपना स्तर सुधारने के लिए कंपार्टमेंट एग्जाम में मैथमेटिक्स स्टैंडर्ड की परीक्षा दोबारा दे सकता है।

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