दिल्ली पहुंचा वोटरलिस्ट में गड़बड़ी का मामला, मुख्य चुनाव आयुक्त से मिले नेता प्रतिपक्ष और पीसीसी चीफ

By Independent Mail | Last Updated: Mar 16 2018 7:18PM
दिल्ली पहुंचा वोटरलिस्ट में गड़बड़ी का मामला, मुख्य चुनाव आयुक्त से मिले नेता प्रतिपक्ष और पीसीसी चीफ

इंडिपेंडेंट मेल, भोपाल। मध्यप्रदेश में हाल ही में संपन्न हुए मुंगावली और कोलारस उपचुनाव के दौरान मतदाता सूची में सामने आई खामियों के बाद प्रदेश कांग्रेस ने पूरे प्रदेश की मतदाता सूची पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। मुंगावली और कोलारस सीट पर मतदान से पहले कांग्रेस की शिकायतें सही पाए जाने के बाद आयोग ने अशोकनगर जिले के कलेक्टर बीएस जामौद को हटा दिया था, लेकिन चुनावी नतीजे आते ही शासन ने जामौद को फिर से अशोकनगर कलेक्टर बनाकर भेज दिया। इन दोनों ही मामलों को लेकर अब कांग्रेस दिल्ली जा पहुंची हैं। 16 मार्च को नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह और पीसीसी चीफ अरुण यादव ने दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओपी रावत से मुलाकात की।

पूरे प्रदेश की मतदाता सूचियों की दोबारा जांच की मांग

मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने दावा किया कि प्रदेश में मतदाता सूचियों में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ियां हुई हैं। दोनों नेताओं ने प्रदेश में साल के अंत में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूचियों की फिर से जांच कराने की मांग की है। दोनों नेताओं ने मुलाकात के दौरान एक पत्र भी सौंपा, जिसमें मुंगावली और कोलारस में मतदाता सूची में हुई गड़बड़ियों की विस्तार से जानकारी दी गई है। पत्र में कहा गया है कि विधानसभा चुनाव में अगर दो हजार नामों की गड़बड़ी भी मतदाता सूची में होगी, तो इससे चुनाव परिणाम प्रभावित होता है। आयोग की निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव की मंशा पर भी पानी फिर जाता है। दोनों नेताओं ने यह भी सुझाव दिया है कि नए मतदाताओं के नाम भी गहन जांच के बाद कानून और नियम के अनुसार ही जोड़े जाएं।

अशोकनगर, शिवपुरी कलेक्टर के खिलाफ हो कार्रवाई

मुलाकात के दौरान नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त रावत को दोबारा अशोकनगर कलेक्टर बनाए जाने पर सवाल खड़े किए हैं। सिंह ने मुलाकात के दौरान कहा कि जामौद को फर्जी मतदाताओं के नाम वोटिंग लिस्ट में जोड़े जाने की शिकायत सही पाए जाने पर हटाया गया था। सिंह ने कहा कि चुनाव निपटते ही जामौद को हटाने के बाद फिर से अशोकनगर का कलेक्टर बनाकर राज्य शासन ने चुनाव आयोग को चुनौती दी है। सिंह ने कहा कि इसके पूर्व भी सीहोर और भिंड जिले में बुधनी और अटेर विधानसभा उपचुनाव के दौरान भी राज्य सरकार ने ऐसा ही किया था। सिंह ने आयोग को सुझाव दिया है कि चुनाव के दौरान आचार संहिता का उल्लंघन करने, गड़बड़ी करने और किसी राजनीतिक दल की मदद करने के कारण चुनाव आयोग के निर्देश पर हटाए गए अधिकारी की उसी स्थान पर न तो दोबारा पोस्टिंग होनी चाहिए और न ही उन्हें चुनाव के दौरान अहम जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। 

मामला दर्ज करने की मांग

नेता प्रतिपक्ष ने कोलारस और मुंगावली उपचुनाव के दौरान मतदाता सूची में हेराफेरी के दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ रिप्रेजेंटेंशन ऑफ पीपुल्स एक्ट के प्रावधानों का उल्लघंन करने पर धारा 477 (ए), 465, 466, 468, 471, 420 एवं 120 (बी) भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत मामला दर्ज कर कार्रवाई की मांग की।

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