प्रीति रघुवंशी आत्महत्या मामले में कांग्रेस का मौन धरना, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

By Independent Mail | Last Updated: Mar 22 2018 7:47PM
प्रीति रघुवंशी आत्महत्या मामले में कांग्रेस का मौन धरना, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

इंडिपेंडेंट मेल, भोपाल। विधानसभा में महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार और मंत्री रामपाल सिंह व उनके बेटे की वजह से आत्महत्या करने वाली प्रीति रघुवंशी के मामले पर चर्चा न करने के विरोध में कांग्रेस विधायक दल ने 22 मार्च को मौन उपवास रखा। रोशनपुरा चौराहे पर कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव एवं नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के नेतृत्व में चार घंटे मौन उपवास के बाद सभी विधायक पैदल मार्च करते हुए राजभवन पहुंचे और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। विधायकों ने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को दिए गए ज्ञापन में प्रीति रघुवंशी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले मंत्री रामपाल सिंह के खिलाफ धारा 120-बी के तहत मामला दर्ज कर और उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त किए जाने की मांग की है। कांग्रेस ने मांग उठाई है कि प्रदेश में महिलाओं पर बढ़ रहे अत्याचार पर सख्ती से अंकुश लगाया जाए और नारी सम्मान और अस्मिता की रक्षा हो। इस धरने में विधायक दल के मुख्य सचेतक रामनिवास रावत, डॉ. गोविंद सिंह एवं मुकेश नायक सहित कांग्रेस के दो दर्जन से अधिक विधायक इस मौके पर उपस्थित थे।

चुप रहे, लेकिन जारी रहा संवाद 

कांग्रेस के इस मौन धरने के दौरान कांग्रेसी चुप रहे, लेकिन उनके बीच संवाद जारी रहा। कांग्रेस के विधायकों ने मोबाइल के जरिए एक दूसरे से बाचतीच की, वहीं कांग्रेस के कई नेता तो लिखित रूप में एक-दूसरे से अपनी बात कहते नजर आए। धरने के दौरान कांग्रेस के युवा विधायक जयवर्धन सिंह समेत कई विधायक तो अधिकांश समय अपने मेबाइल पर ही व्यस्त रहे। हालांकि बाद में नेता प्रतिपक्ष और पीसीसी चीफ ने विधायकों को मोबाइल बंद करने की समझाइश दी।

भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पैदल मार्च

राजभवन तक जाने के लिए कांग्रेस विधायकों ने रोशनपुरा चौराहे से राजभवन तक पैदल मार्च किया। इस दौरान किसी भी अनहोनी को देखत हुए भारी तादाद में पुलिस बल तैनात किया गया था। कांग्रेस के पैदल मार्च के दौरान एक हजार से ज्यादा कार्यकर्ता भी विधायकों और पदाधिकारियों के साथ राजभवन पहुंच गए, जहां पुलिस ने कार्यकर्ताओं को राजभवन में प्रवेश देने से रोक दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं  और पुलिस के बीच विवाद होने लगा। बाद में कांग्रेस विधायकों और आला नेताओ की समझाइश पर कार्यकर्ता राजभवन के बाहर ही ठहरकर इंतजार करने लगे। इस दौरान कांग्रेसी प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते रहे।

प्रतिदिन 75 महिलाएं हो रही गायब

कांग्रेस ने अपने ज्ञापन में कहा है कि एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक महिलाओं के साथ होने वाले अनाचार के मामले में प्रदेश पूरे देश में अव्वल है। रिपोर्ट में मध्यप्रदेश से प्रतिदिन 75 महिलाओं के गायब होने और 15 बेटियों के साथ रोज ज्यादती होने का हवाला देते हुए कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मध्यप्रदेश में महिलाओं का सम्मान नहीं है और उनका घर से निकलना दूभर हो चला है। ज्ञापन में वे दस्तावेज भी शामिल किए गए हैं, जिसमें प्रीति रघुवंशी का विवाह मंत्री रामपाल सिंह के पुत्र गिरजेश सिंह के साथ हुआ है। कांग्रेस ने राज्यपाल से रामपाल सिंह को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है।

डीजीपी से मिले प्रीति के परिजन, संसद में उठेगा मामला

प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अरुण यादव और नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह उदयपुरा से आए प्रीति के परिजनों को लेकर डीजीपी आरके शुक्ला से मिलने पहुंचे। यहां प्रीति के परिजनों ने एक बार फिर मंत्री रामपाल सिंह और उनके परिजनों पर धमकाने का आरोप लगाया। इधर, प्रीति की आत्महत्या का मामला अब संसद में भी गूंजने वाला है। प्रदेश की गुना सीट से सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया इस मामले को लोकसभा में उठाएंगे। सिंधिया ने इस मामले पर चर्चा के लिए लोकसभा सचिवालय को सूचना दे दी है।

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