सिंधिया की शिवराज को डिबेट के लिए खुली चुनौती

By Independent Mail | Last Updated: Jun 5 2018 6:22PM
सिंधिया की शिवराज को डिबेट के लिए खुली चुनौती

इंडिपेंडेंट मेल, भोपाल।  मप्र चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भाजपा कांग्रेस के 60 साल के विकास के बारे में पूछती है। मैं चुनौती देता हूं कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मुझसे सीधे किसी भी मंच पर डिबेट कर लें। उन्होंने शिवराज सिंह चौहान को घोषणावीर बताते हुए कहा कि झूठी घोषणाएं करके उन्होंने प्रदेश की जनता को ठगा है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी में मंगलवार को कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की अध्यक्षता में इलेक्शन कैंपेन कमेटी और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी की अध्यक्षता में इलेक्शन स्ट्रेटजी कमेटी की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संभाग, जिला और ब्लाॅकवार जिम्मेदारी सौंपी गई। साथ ही ब्लाॅक स्तर पर संगठन को और मजबूत करने की बात कही।

'भावांतर' को भ्रष्टाचार की योजना बताया

बैठक के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेतागण राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया, प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ, सुरेश पचौरी, ज्योतिरादित्य सिंधिया मीडिया से रूबरू हुए। इस दौरान सांसद राजमणि पटेल, मीडिया प्रभारी मानक अग्रवाल आदि मौजूद रहे। सिंधिया ने भावांतर योजना को भ्रष्टाचार की योजना बताते हुए कहा कि जो सोयाबीन पहले 2100 रुपये में बिक रहा था। भावांतर के बाद किसानों को 1800 रुपये ही मिले। कांग्रेस ने 72 हजार करोड़ रुपये की कर्ज माफी करवाई है। पंजाब में कर्ज माफ किया, कर्नाटक में करने वाले हैं।

राहुल की रैली फेल करने भाजपा अपना रही हथकंडे

सिंधिया ने कहा कि 6 जून प्रदेश के लिए एक काला दिन है। पिछले वर्ष मंदसौर में किसानों पर सरकार प्रायोजित गोली कांड में किसानों की हत्या हो गई थी। उस दिन की बरसी पर पूरे प्रदेश में खासकर मंदसौर में दिवंगतों को श्रद्धांजलि देंगे। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मंदसौर आ रहे हैं, वह वहां एक रैली करेंगे। भाजपा सरकार हर हथकंडे अपना रही है कि राहुल गांधी की रैली को फेल कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार उन किसानों से भी बांड भरवा रही है, जिनके परिजन मंदसौर आंदोलन में सरकार द्वारा प्रायोजित गोलीकांड में शहीद हो गए थे। बांड तो सीएम को खुद भरना चाहिए, जिनकी सरकार ने किसानों पर गोलियां बरसार्इं थी।

शिवराज अब क्यों नहीं चलाते साइकिल

सिंधिया ने कहा कि यूपीए के शासन काल में जब क्रूड आॅयल 120 डॉलर प्रति बैरल था, उस वक्त डीजल के रेट लगभग 60 रुपये और पेट्रोल के दाम 65 रुपये थे। तब सीएम हाउस से शिवराज सिंह सचिवालय तक साइकिल से जाने का नाटक करते थे। अब पेट्रोल 82 रुपये और डीजल 72 से 75 रुपये के बीच है, तो सीएम साइकिल से सचिवालय क्यों नहीं जा रहे हैं? भाजपा की यही दोमुंही नीति है। डीजल पर 221 प्रतिशत और पेट्रोल पर 471 प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी की वृद्धि पिछले दस वर्षों में भाजपा सरकार ने की है। सरकार को 3.5 लाख करोड़ रुपये हर साल सरकारी खजाने में मुनाफे के तौर पर मिल रहा है। 7 हजार करोड़ रुपये तो सिर्फ वैट टैक्स से ही पेट्रोलियम पदार्थों पर मप्र सरकार कमा रही है। अगर उनकी नीयत साफ है तो वैट क्यों नहीं कम करते।

मतदाता सूची में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मतदाता सूची तैयार करने में प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग किया है। पिछले 10 वर्ष में प्रदेश में 24 प्रतिशत आबादी बढ़ी। लेकिन मतदाता की संख्या फर्जीवाड़ा कर 40 प्रतिशत बढ़ा दी गई। उन्होंने प्रोजेक्टर पर राजधानी के नरेला विधानसभा, दक्षिण पश्चिम विस, समीपस्थ भोजपुर विस, बैतूल, सिवनी मालवा, होशंगाबाद आदि का उदाहरण देते हुए दिखाया कि एक ही वोटर के फोटो पर एक ही बूथ पर अनेक बार मतदाता के रूप में अलग-अलग नाम से दर्ज हैं। वहीं एक ही नाम का मतदाता एक ही विधानसभा में अलग-अलग बूथों पर दर्ज है। इसी तरह दूसरी विधानसभाआें में भी दर्जनों बार एक ही मतदाता का नाम वोटर लिस्ट में है।

अलग-अलग नाम से 26 लोगों के नाम वोटर लिस्ट में

कमलनाथ ने कहा कि नरेला विधानसभा में एक महिला के फोटो पर अलग-अलग नाम से 26 लोगों के नाम वोटर लिस्ट में दर्ज हैं, इनमें से एक पुरुष नाम भी है। यह प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग और अपराध है। सिंधिया ने कहा कि 100 विधानसभाओं में मतदाता सूचियों की जांच करने पर कांग्रेस ने पाया कि प्रदेश में लगभग 60 लाख फर्जी मतदाता दर्ज हैं, जिनके वोट से फर्जीवाड़ा कर भाजपा ने चुनाव जीता है। दोनों नेताओं ने चुनाव आयोग को शीघ्र जांच कराने के लिए धन्यवाद दिया।

 

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