छिटपुट हिंसा के बीच मध्य प्रदेश में भारी मतदान

By Independent Mail | Last Updated: Nov 28 2018 10:50PM
छिटपुट हिंसा के बीच मध्य प्रदेश में भारी मतदान

इंडिपेंडेंट मेल, भोपाल। छिटपुट हिंसा के बीच मध्य प्रदेश विधानसभा की 230 सीटों के लिए बुधवार को मतदान हुआ। राज्य निर्वाचन अायोग की वेबसाइट के मुताबिक राज्य में करीब 74 फीसद मतदान हुआ। मतदान का यह प्रतिशत 2013 की तुलना में करीब चार फीसद है। बता दें कि 2013 में राज्य में 70.8 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बीच भोपाल, होशंगाबाद, रीवा, ग्वालियर, जबलपुर, खंडवा समेत 18 शहरों से 200 से ज्यादा मतदान केंद्रों पर ईवीएम और वीवीपैट मशीनों में खराबी की शिकायतें मिलीं। चुनाव आयोग ने बताया कि 1545 खराब ईवीएम को बदला गया। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीएल कांताराव को खुद इस समस्या का सामना करना पड़ा। वह भोपाल के चार इमली बूथ पर वोट डालने पहुंचे, जहां ईवीएम खराब थी। उन्हें वोट डालने के लिए 20 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने इस पर आश्चर्य जताया कि आखिर कांग्रेस के प्रभाव वाले इलाकों में ही ईवीएम क्यों खराब हुईं। दूसरी तरफ केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि कांग्रेस ईवीएम पर सवाल उठाने लगी है यानी उसने अपनी हार स्वीकार कर ली है। मतदान की गति सुबह धीमी रही। इसके बाद मतदाताओं की लंबी-लंबी कतारें मतदान केंद्रों पर लग गई हैं। मतदान प्रतिशत में इजाफे को भाजपा ने अपनी जीत बताया, जबकि कांग्रेस ने कहा कि जनता ने बदलाव के लिए भारी मतदान किया है।

जबलपुर में झड़प

जबलपुर से राजनीतिक कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प की खबर आई। यह झड़प घमापुर थाना अंतर्गत शीतला माई वार्ड के मतदान केंद्र पर हुई।दोपहर में पुलिस ने जब मतदान केंद्र के वर्जित दायरे में एकत्रित कार्यकर्ताओं को वहां से हटाने का प्रयास किया, तो कार्यकर्ता बहस करने लगे। विवाद बढ़ने के बाद पुलिस ने कार्यकर्ताओं को वहां से हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया।

धार में भाजपा, कांग्रेस समर्थक भिड़े

धार की गुलमोहर कॉलोनी में कांग्रेस व भाजपा के कार्यकर्ताओं में विवाद हो गया। इस दौरान दोनों के बीच जमकर लात-घूसे और कुर्सियां चलीं। सूचना पर तुरंत पुलिस व प्रशासन के अधीकारी मौके पर पहुंच गए। उसने कांग्रेस नेता लियाकत कुरैशी व भाजपा नेता बाला बागवान सहित दोनों तरफ के सात लोगों को हिरासत में ले लिया। मतदान के बाद उन्हें छोड़ने की खबर है।

भिंड जिले में गोलीबारी

मतदान के दौरान भिंड से गोली चलने की खबर आई। कुछ जगहों पर ईवीएम मशीनों में तोड़फोड़ भी की गई। भिण्ड जिले के लहार विधानसभा क्षेत्र के मछन्द गांव में फायरिंग की गई। आरोप है कि यहां से चुनाव लड़ रहे समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी नरेन्द्र सिंह कुशवाहा के समर्थक दीपक सिंह ने फायरिंग की। गोली चलने की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। मतदान रोक दिया गया। पुलिस ने दीपक सिंह को हिरासत में ले लिया। लहार विधानसभा क्षेत्र के रायपुरा से ईवीएम तोड़ने की खबर आई। वहां तहसीलदार की गाड़ी में भी तोड़फोड की गई , जिसके चलते मतदान रोक दिया गया।

उम्मीदवार रहे नजरबंद : भिंड विधानसभा सीट से भाजपा के उम्मीदवार राकेश कुमार चौधरी, समाजवादी पार्टी के नरेंद्र सिंह कुशवाह, बसपा के संजीव कुशवाह और उनके पिता चार बार से सांसद डॉ. रामलखन सिंह कुशवाहा को भिंड के सर्किट हाउस में नजरबंद रखा गया। वहीं, अटेर विधानसभा के भाजपा प्रत्याशी डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया और कांग्रेस प्रत्याशी हेमंत कटारे के साथ ही निर्दलीय राजीव सिंह भदौरिया भी भिंड सर्किट हाउस में बैठा लिए गए। लहार विधानसभा सीट के भाजपा प्रत्याशी रसाल सिंह और कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. गोविंद सिंह और बसपा प्रत्याशी अमरीश शर्मा को लहार सर्किट हाउस में बिठाया गया।

तीन मतदानकर्मियों की मौत

मतदान के दौरान गुना में एक और इंदौर में दो चुनाव कर्मचारियों की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक इंदौर के नेहरू नगर स्थित दीपिका बाल मंदिर में बनाए गए मतदान केंद्र के पीठासीन अधिकारी कैलाश पटेल (शिक्षक- उत्कृष्ट विद्यालय महू) को अचानक दिल का दौरा पड़ा। सुरक्षा में तैनात कर्मियों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचा, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं, इंदौर में एक अन्य मतदान कर्मी भी मौत की जानकारी मिली है। गुना के बमोरी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पराठ स्थित मतदान केंद्र में तैनात एक पीठासीन अधिकारी सोहन लाल बाथम की भी हार्ट अटैक से मौत हो गई। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीएल कांताराव ने तीनों मृतक अधिकारियों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है।

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