अब सड़कों पर नहीं दिखेंगे आवारा पशु, 16 से चलेगा अभियान

By Independent Mail | Last Updated: Jan 11 2019 8:32PM
अब सड़कों पर नहीं दिखेंगे आवारा पशु, 16 से चलेगा अभियान

इंडिपेंडेंट मेल, भोपाल। शहर में आवारा घूम रहे पशुओं को लेकर पशुपालन मंत्री लाखन सिंह यादव ने अधिकारियों को सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को आयोजित अंतर्विभागीय बैठक में उन्होंने कहा कि अब निराश्रित गोवंश को गो शालाओं में रखा जाएगा। शहर की सड़कों पर गाय-बैल सड़कों पर आवारा तरीके से घूमते नजर नहीं आएंगे। शुरुआती दौर में भोपाल नगर में आवारा घूमते पशुओं को पकड़कर गौशाला भेजा जाएगा। इसके लिए अभियान चलाया जाएगा, जिसकी शुरुआत 16 जनवरी से होगी। बैठक में बताया गया कि राजधानी में पांच हजार से अधिक निराश्रित पशुओं को गौशाला में विस्थापित किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव पशुपालन मनोज श्रीवास्तव ने कलेक्टर से कहा कि अगले तीन दिन में वह नगर के सभी सात कांजी हाउस की कुल क्षमता का आकलन कर लें ताकि पकड़े गए गोवंश को वहां रखा जा सके। इसी प्रकार भोपाल जिले में संचालित सभी 27 गौशालाओं के प्रबंधकों से चर्चा कर उनकी गौशाला की क्षमता का आकलन कर गोवंश रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त गौशाला की अन्य व्यवस्था भी सुनिश्चित करें।

लापरवाही मिलने पर होगी कार्रवाई

बैठक में मंत्री यादव ने कहा कि प्रदेश में निराश्रित गोवंश का यूआईडी टैग से पंजीयन किया जा रहा है। सबसे पहले हाईवे के आसपास के क्षेत्र के ग्रामों में गोशाला खोलेंगे। शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर भोपाल से की जा रही है। उन्होंने भोपाल संभागायुक्त कवीन्द्र कियावत, कलेक्टर डॉ. सुदाम खाड़े और आयुक्त नगर निगम बी. विजय दत्ता से कहा कि अभियान को युद्ध स्तर पर शुरू करें। अभियान शुरुआत के एक सप्ताह बाद 22 से 25 जनवरी के बीच वे नगर के उस हिस्से का जायजा लेंगे, जहां से निराश्रित गोवंश को हटाया गया है। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान अगर निराश्रित गाय-बैल मिलता है, तो क्षेत्र के संबंधित जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पशुपालक पर लगेगा भारी जुर्माना

श्रीवास्तव ने कहा कि ऐसे पशुपालक, जो सड़कों पर गायों को निराश्रित स्थिति में छोड़ देते हैं, उन्हें ताकीद किया जाए कि 15 जनवरी के बाद उनकी गाय सड़कों पर या खुले स्थान पर मिलती है, तब गाय को पकड़कर कांजी हाउस या गोशाला में भेज दिया जाएगा और पशुपालक के विरुद्ध हैवी पैनल्टी अधिरोपित की जाएगी।

चार लाख से अधिक निराश्रित पशु

जानकारी के अनुसार चार लाख 37 हजार 910 निराश्रित पशुओं की संख्या है। प्रदेश में कुल पंजीकृत 1285 गौशाला में 614 क्रियाशील हैं, जिनमें एक लाख 53 हजार 834 गोवंश है। गोवंश की संख्या वर्ष 2012 की पशु संगणना के आधार पर है। वर्ष 2018 में विभाग द्वारा अनुमानित लगभग 6 लाख निराश्रित गोवंश है। निराश्रित गोवंश के लिए गोशालाओं को खोलने के लिए स्थान चिन्हित करने, गोशाला संचालन के लिए वित्तीय प्रबंधन आदि पर भी चर्चा की गई।

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