ईवीएम पूरी तरह से सुरक्षित: कांताराव

By Independent Mail | Last Updated: Dec 3 2018 11:29PM
ईवीएम पूरी तरह से सुरक्षित: कांताराव

इंडिपेंडेंट मेल, भोपाल। ईवीएम की सुरक्षा को लेकर उठे सवालों पर सोमवार को चुनाव आयोग ने अपना पक्ष मीडिया के सामने रखा। आयोग ने कहा है कि मशीनें पूरी तरह सुरक्षित हैं। भोपाल में सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीएल कांताराव ने कहा कि ईवीएम मशीनें डबल लॉकर और तीन स्तरीय सुरक्षा में स्ट्रांग रूम में रखी गई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ईवीएम मशीनों को देखने के लिए सभी प्रोटोकॉल का पालन करना होता है। उसके बिना कोई भी व्यक्ति ईवीएम देख भी नहीं सकता। बीएल कांताराव ने कहा कि प्रदेश के 51 जिलों में बनाए गए स्ट्रांग रूम पूरी तरह सुरक्षित हैं। ये मशीनें रिटर्निंग अधिकारी और राजनीतिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी में 11 दिसंबर की सुबह खोली जाएंगी। स्ट्रांग रूम तीन परिधियों में सुरक्षित हैं। पहली परिधि में स्पेशल सुरक्षा बल तैनात हैं। दूसरी में एसएएफ के जवान और तीसरी में पुलिस के जवानों को लगाया गया है। उन्होंने बताया कि उम्मीदवारों को ईवीएम दिखाने की व्यवस्था भी की गई है। स्ट्रांग रूम के बाहर प्रत्याशियों के रुकने की व्यवस्था है। यहां से वह एलईडी की स्क्रीन पर मशीनें देख सकते हैं। प्रत्याशी अगर अंदर जाकर मशीनें देखना चाहें, तो इसकी भी व्यवस्था है। इसके लिए कुछ नियम बनाए गए हैं, जिनका पालन करते हुए प्रत्याशी रिटर्निंग अधिकारी के साथ अंदर जाकर मशीनें देख सकता है। उन्होंने कहा कि जब विभिन्न दलों के राजनीतिक कार्यकर्ता निरंतर एलईडी के माध्यम से ईवीएम पर नजर रख रहे हैं, तब उन पर किसी तरह के सवाल नहीं उठाए जाने चाहिए।

वीडियो भेज दिया दिल्ली

बीएल कांताराव ने कहा, 28 नवंबर की रात को लेकर जो बातें निकलकर सामने आई हैं, उनके अनुसार रिजर्व मशीनों को 29 नवंबर को जमा करना था, लेकिन वह एक-दो दिन की देरी से जमा की गई हैं। हालांकि, रिजर्व मशीनों को जमा करने का भी प्रोटोकॉल होता है, जो उम्मीदवारों को बताया गया है। उन्हें यह भी बताया जाता है कि कौन-कौन सी रिजर्व मशीन उपयोग में लाई जाएगी और कौन सी नहीं। जिन 3-4 जिलों में मशीन देरी से जमा होने की सूचनाएं आई थीं, उनकी वीडियोग्राफी रिपोर्ट मंगाकर दिल्ली भेज दी गई है।

दिया जा रहा है प्रशिक्षण

कांताराव ने बताया कि चुनाव आयोग मतगणना के लिए 15 हजार कर्मचारियों को प्रशिक्षण दे रहा है। मतगणना के लिए राजनीतिक दल अपने जिन प्रतिनिधियों को नियुक्त करना चाहते हों, उनके नाम और फोटो मतगणना से तीन दिन पहले जमा कराने होंगे। मतगणना के दिन सबसे पहले 8.30 बजे तक पोस्टल बैलेट वोटों की गिनती की जाएगी। इसके बाद ईवीएम मशीनों की गणना होगी। प्रत्येक विधानसभा में 14 टेबल लगाकर मतों की गणना की जाएगी। अगर विधानसभा क्षेत्र में 280 मतदान केंद्र हैं, तो हर विधानसभा में 20 राउंड लगेंगे।

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