जीएसटी चोरी के शक में कई कंपनियों के प्रमोटर गिरफ्तार

By Independent Mail | Last Updated: Mar 7 2019 1:15AM
जीएसटी चोरी के शक में कई कंपनियों के प्रमोटर गिरफ्तार

टैक्स डिपार्टमेंट ने कंपनियों की जांच शुरू की

एजेंसी, मुंबई। गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) की चोरी के संदेह में टैक्स डिपार्टमेंट ने उन कंपनियों की जांच शुरू की है, जो सर्कुलर ट्रेडिंग में शामिल हैं। उसने ऐसी कई कंपनियों के प्रमोटरों को गिरफ्तार भी किया है। सूत्रों के मुताबिक, सर्कुलर ट्रेडिंग का इस्तेमाल टर्नओवर बढ़ाने या सिस्टम में काला धन लाने के लिए किया जाता है। टैक्स डिपार्टमेंट का दावा है कि जीएसटी क्रेडिट लेने के लिए देशभर में 25 हजार करोड़ रुपये के फर्जी इनवॉइस इश्यू किए गए। पिछले महीने ही डिपार्टमेंट ने ऐसी कंपनियों पर छापेमारी की थी और उन्हें नोटिस जारी किया था, जो दूसरी कंपनियों को कागज पर सामान बेचकर टर्नओवर बढ़ा रही थीं। टैक्स एक्सपर्ट्स ने बताया कि कंपनियां काफी समय से सर्कुलर ट्रेडिंग करती रही हैं। इसे समझने के लिए मुंबई की एक प्लास्टिक कंपनी की मिसाल लेते हैं। उसने पुणे की एक कंपनी को सामान बेचा। इसके बाद पुणे की कंपनी ने बेंगलुरू में एक कंपनी को इसकी बिक्री की और उसने फिर इसे मुंबई की कंपनी को बेच दिया। यह बिक्री कागज पर की गई, जबकि असल में माल मुंबई की कंपनी के गोदाम में पड़ा हुआ था। इस चेन में हर ट्रांजेक्शन पर जीएसटी क्रेडिट क्लेम किया गया। ऐसा इसलिए किया गया ताकि टर्नओवर बढ़ाकर दिखाया जा सके। इससे कंपनी के वैल्यूएशन में बढ़ोतरी होती है और उसे बैंक से अधिक लोन लेने में भी मदद मिलती है। टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि डिपार्टमेंट की सख्ती से ईमानदारी से काम करने वाली कंपनियों को भी परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि डिपार्टमेंट ने जिन मामलों में गिरफ्तारी की है, वे उन्हें कानूनी तौर पर चुनौती देंगे। वकीलों ने बताया कि कुछ मामलों में गिरफ्तारी हुई है, जबकि उनमें कोई फर्जी बिल जारी नहीं किया गया।

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