कार्यकर्ताओं ने धूमधाम से मनाया शिबू सोरेन व बाबूलाल मरांडी का बर्थडे

By Independent Mail | Last Updated: Jan 11 2019 8:45PM
कार्यकर्ताओं ने धूमधाम से मनाया शिबू सोरेन व बाबूलाल मरांडी का बर्थडे
  • दो पूर्व मुख्यमंत्रियों का जन्मदिन आज

इंडिपेंडेंट मेल, रांची। झारखंड के दो पूर्व मुख्यमंत्री झारखंड मुक्ति मोर्चा के शिबू सोरेन और झारखंड विकास मोर्चा के बाबूलाल मरांडी का जन्मदिन शुक्रवार को कार्यकर्ताओं ने मनाया। शिबू के आवास पर हेमंत सोरेन ने कार्यकर्ताओं के साथ उनके 75वें जन्मदिन पर 75 पाउंड का केक काटा तो वहीं झाविमो के कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने बाबूलाल के 61वें जन्मदिन पर उनसे मुलाकात कर जन्मदिन की बधाई दी। इस मौके पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने ट्वीट कर दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों को जन्मदिन की बधाई दी। झारखंड विकास मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने बाबूलाल मरांडी का जन्मदिन संकल्प दिवस के रूप में मनाया। इस मौके पर पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा मेडिकल कैंप, रक्तदान शिविर, ब्लाइंड स्कूल में फल, किताब कॉपी का वितरण किया गया। वहीं शिबू सोरेन के मोरहाबादी स्थित आवास पर सुबह से उनके प्रशंसकों की भीड़ जुटी रही। कार्यकर्ताओं और पार्टी के नेताओं ने शिबू से मिलकर उन्हें जन्मदिन की बधाई दी।

राज्य में गुरुजी के नाम से मशहूर हैं शिबू सोरेन

11 जनवरी 1944 को झारखंड के रामगढ़ में जन्मे शिबू सोरेन झारखंड में गुरुजी के नाम से मशहूर हैं। वे अब तक तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। शिबू सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष हैं। सन् 2005 में पहली बार झारखंड के मुख्यमंत्री बने थे। पिता की मौत के बाद लकड़ी बेचकर घर चलाने वाले शिबू सोरेन एक आदिवासी नेता हैं। सन् 1970 में सोरेन ने अपने राजनैतिक कॅरियर की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने कई कैंपेन चलाए जिसके लिए उन्हें जेल भी जाना पड़ा। उन्होंने सन् 1975 में बाहरी लोगों को बाहर निकालने के लिए भी एक मुहिम चलाई। इस दौरान 11 लोगों की मौत हो गई थी। वे पहली बार 1977 लोकसभा चुनाव में खड़े हुए। इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। तीन साल बाद 1980 में हुए लोकसभा चुनाव में शिबू सोरेन को जीत हासिल हुई। इसके बाद वे लगातार 1989, 1991, 1996 और 2002 में चुनाव जीते। 2009 के उपचुनाव में तमाड़ विधानसभा क्षेत्र से शिबू सोरेन झारखंड पार्टी के उम्मीदवार गोपाल कृष्ण पातर उर्फ राजा पीटर से 9000 से ज्यादा वोटों से हार गए थे और इस कारण उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ा था। सोरेन मनमोहन सरकार में कोयला मंत्री भी रहे थे। शिबू वर्तमान में दुमका से सांसद हैं।

संघ से जुड़ने से पहले एक स्कूल टीचर थे मरांडी 

11 जनवरी 1958 में गिरिडीह के कोडिया बैंग गांव में जन्मे बाबूलाल मरांडी झारखंड के पहले मुख्यमंत्री रहे थे। मरांडी झारखंड विकास मोर्चा के अध्यक्ष हैं। अपनी शुरुआती पढ़ाई गांव से पूरी करने के बाद उन्होंने गिरिडीह कॉलेज में दाखिला लिया। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान मरांडी संघ परिवार से जुड़े। काफी समय तक संघ और आरएसएस में काम करने के बाद उन्हें विश्व हिन्दू परिषद का सचिव बनाया गया। संघ और आएसएस से जुड़ने से पहले मरांडी एक स्कूल टीचर थे। सन् 1989 में उनकी शादी शांतिदेवी से हुई। दोनों का एक बेटा अनूप मरांडी भी था, जिसकी सन् 2007 में एक नक्सली हमले में मौत हो गई थी। कई सालों से दुमका में काम कर रहे मरांडी 1991 में यहां से लोकसभा चुनाव हार गए। 1996 में एक बार फिर वे शिबू सोरेन से इस सीट पर मात खा गए। इसके बावजूद 1998 के विधानसभा चुनाव के लिए मरांडी को भाजपा का अध्यक्ष बनाया गया था। सन् 2000 में झाखखंड राज्य बनने के बाद एनडीए सरकार में बाबूलाल ने राज्य में सरकार बनाई।

 

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