चारा घोटाले से जुड़े मामले में लालू प्रसाद समेत 19 लोग दोषी करार, 12 बाइज्जत बरी

By Independent Mail | Last Updated: Mar 19 2018 7:48PM
चारा घोटाले से जुड़े मामले में लालू प्रसाद समेत 19 दोषी करार,12 बाइज्जत बरी

 

इंडिपेंडेंट मेल, रांची। चारा घोटाले के तीन मामलों में सजा पाने के बाद बिरसा मुंडा जेल में बंद बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव को आज (19 मार्च) विशेष सीबीआई अदालत ने दुमका कोषागार से तीन करोड़, तेरह लाख रुपये का गबन करने के आरोप में भी दोषी करार दिया है। इस मामले में सजा का ऐलान 21 मार्च से 23 मार्च के बीच किया जाएगा। अदालत ने बिहार के दूसरे पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा समेत 12 लोगों को इस मामले में आज सबूतों के अभाव में बाइज्जत बरी कर दिया। 

लालू समेत 19 दोषी करार

चारा घोटाले के दुमका कोषागार से तीन करोड़, तेरह लाख रुपये के गबन के मामले में 31 लोगों के खिलाफ सीबीआई की विशेष अदालत का बहुप्रतीक्षित फैसला आज दोपहर बाद आया जिसमें सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह ने जहां लालू समेत 19 को दोषी करार दिया वहीं पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा, पूर्व विधायक ध्रुव भगत, पूर्व सांसद जगदीश शर्मा, पूर्व मंत्री विद्या सागर निषाद, पूर्व विधायक आर के राणा समेत 12 लोगों को सबूतों के अभाव में बरी करने का आदेश दिया। दोषी ठहराए गए लालू प्रसाद यादव समेत सभी 19 अभियुक्तों की सजा के बिंदु पर 21 मार्च से सुनवाई करेगी। सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 23 मार्च तक की तिथि निर्धारित की गई है।
 
राजद के वरिष्ठ नेता ने बताया CBI का खेल
राजद के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने लालू को दोषी करार दिए जाने और जगन्नाथ मिश्रा को बरी किए जाने के अदालती आदेश पर आक्रोश प्रकट करते हुए एक बार फिर इसे सीबीआई का खेल बताया है और कहा है कि राजद इस मामले में भी झारखंड उच्च न्यायालय का रुख करेगी।
 
चाईबासा कोषागार मामला: 24 जनवरी को सुनाई गई सजा
इसी वर्ष 24 जनवरी को लालू प्रसाद एवं जगन्नाथ मिश्र को सीबीआई की विशेष अदालत ने चाईबासा कोषागार से 35 करोड़, 62 लाख रुपये का गबन करने के चारा घोटाले के एक अन्य मामले में दोषी करार देते हुए पांच-पांच वर्ष सश्रम कारावास एवं क्रमशः दस लाख एवं पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनायी थी। इस मामले में कुल 50 आरोपियों को दोषी करार दिया गया और सजा सुनायी गई
 
देवघर कोषागार मामला: 6 जनवरी को सुनाई गई सजा
रांची की एक विशेष सीबीआई अदालत ने नौ सौ पचास करोड़ रुपये के चारा घोटाला में देवघर कोषागार से 89 लाख, 27 हजार रुपये की अवैध निकासी के मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजद प्रमुख लालू प्रसाद को साढ़े तीन वर्ष की कैद एवं दस लाख जुर्माने की शनिवार (6 जनवरी) को सजा सुनाई थी। 
 
मामले में 11 लोगों की मौत 
बता दें कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने चारा घोटाले से संबंधित एक मामले में बीते साल 23 दिसंबर (2017) को दोषी करार दिया था। इस पूरे मामले में कुल 34 आरोपी थे, जिनमें से 11 की मौत हो चुकी है। अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा और दूसरे 6 आरोपियों को इसी मामले में बरी कर दिया। यह मामला देवघर के जिला कोषागार से फर्जी तरीके से 84।5 लाख रुपये निकालने से जुड़ा हुआ है। मामले की सुनवाई रांची की विशेष सीबीआई अदालत ने 13 दिसंबर को पूरी कर ली थी।

 

image
Copyrights @ 2017 Independent NewsCorp (P) Ltd., Bhopal. All Right Reserved