भय्यू महाराज ने कहा था: मुझे सेवा के लिए पद की जरूरत नहीं

By Independent Mail | Last Updated: Jun 12 2018 8:04PM
भय्यू महाराज ने कहा था: मुझे सेवा के लिए पद की जरूरत नहीं

इंडिपेंडेंट मेल, इंदौर। आध्यात्मिक गुरु भय्यू महाराज के खुद गोली मारकर खुदकुशी के मामले ने सबको चौंका दिया है। भय्यू महाराज ने अपने जीवन में कई ऐसे काम किए, जिससे लोग उन्हें याद करते हैं। खासकर सामाजिक कार्याें में उनकी गहरी रुचि थी। वहीं अपनी शानदार जीवनशैली के चलते वह अक्सर चर्चा में रहते थे। वह गृहस्थ संत थे। प्रदेश सरकार ने कुछ समय पहले उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा देने की भी घोषणा की थी लेकिन उन्होंने यह कहकर इंकार कर दिया था कि उनको सेवा के लिए किसी पद की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा था कि मैं एक आम नागरिक की तरह खरा उतरने की पूरी कोशिश करूंगा, लेकिन मैं राज्य मंत्री के दर्जे के रूप में किसी तरह का सरकारी लाभ नहीं लूंगा। भय्यू जी महाराज अपने सद्गुरु दत्त धार्मिक ट्रस्ट के जरिये स्कॉलरशिप बांटने से लेकर गरीब बच्चों को पढ़ाने तक का काम करते थे और किसानों को खाद बीज मुफ्त में बांटते थे। भय्यू महाराज पर एक बार पुणे से लौटते समय जानलेवा हमला हुआ था। हमले के कारण उनकी कार का एक्सीडेंट भी हो गया था। उनकी पहली पत्नी माधवी का करीब दो साल पहले निधन हो चुका है। पहली पत्नी से उनकी एक बेटी भी है, जिसका नाम कुहू है। वह पुणे में पढ़ाई कर रही है। उन्होंने अप्रैल 2017 में शिवपुरी की डॉ. आयुषी के साथ दूसरी शादी की थी। भय्यू महाराज अपनी आलीशान जीवनशैली के लिए भी पहचाने जाते थे। उन्हें मर्सडीज, आॅडी जैसी महंगी गाड़ियों का काफी शौक था। वह महंगी रोलेक्स और ब्रांडेड घड़ियां पहनते थे और आलीशान महल में रहते थे। एक बड़ी टीम और गनमैन हमेशा उनके साथ रहते थे।

कुछ समय पहले ही तोमर को दी थी बधाई

खुदकुशी के कुछ समय पहले ही भय्यू महाराज ने नरेंद्र सिंह तोमर को उनके जन्मदिन पर बधाई का ट्वीट किया था और उनके स्वस्थ जीवन की कामना की थी। अपने ट्वीट में उन्होंने कहा था कि नरेंद्र सिंह तोमर भाजपा के प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ हैं, जो भारत के केंद्रीय ग्रामीण विकास, पंचायती राज, पेयजल और स्वच्छता मंत्री है। भाजपा के कद्दावर नेता नरेंद्र तोमर संगठनात्मक क्षमता के साथ ही प्रशासन पर मजबूत पकड़ और कुशल रणनीतिकार के रूप में जाने जाते हैं। बहुत ही सादगी और आदर्श जीवन यापन करने वाले कर्मठ स्पष्टवादी और मजबूत इरादों के तोमर जी का सूर्योदय सामाजिक कार्यों के साथ होता है। सूर्योदय परिवार से उनका स्नेह और सेवार्थ कार्य में रुचि के लिए हम उनके आभारी हैं। ईश्वर उन्हें लंबी आयु प्रदान करे और समाज तथा राष्ट्र निर्माण का कार्य उनके हाथों से सदैव होता रहे।

अन्ना का अनशन खत्म करवाने भी पहुंचे थे भय्यू

तत्कालीन केंद्र सरकार ने अपना दूत बनाकर अन्ना हजारे का अनशन खत्म करवाने के लिए भय्यू महाराज को भेजा था। लंबे समय से अनशन पर बैठे अन्ना हजारे ने उनके हाथ से जूस पीकर ही अपना अनशन खत्म किया था। पीएम बनने के पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी सद्भावना उपवास पर बैठे थे। उस वक्त उपवास खुलवाने के लिए उन्होंने भय्यूजी महाराज को आमंत्रित किया था। उस वक्त महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख भी वहां माैजूद थे।

नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

आध्यात्मिक गुरु भय्यू महाराज के आकस्मिक निधन की खबर अत्यंत दुखद है। ईश्वर से प्रार्थना है कि उनकी आत्मा को शांति दें एवं परिवार को कष्ट सहन करने का संबल प्रदान करें।

बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय

संत भय्यू जी महाराज के निधन की खबर से कांग्रेस परिवार समेत पूरा देश हतप्रभ है। भय्यू महाराज का जीवन सदैव समाज के हर वर्ग के विकास के लिए समर्पित रहा है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे।

मप्र कांग्रेस

संत भय्यू महाराज के निधन की खबर से हतप्रभ हूं। उनका जीवन सदैव समाज के हर वर्ग के विकास के लिए समर्पित रहा है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे।

जीतू पटवारी, विधायक, कांग्रेस

संत भय्यू जी महाराज के निधन की दुखद खबर मिली। आपके द्वारा समाज सुधार के लिए किए गए कार्य अविस्मरणीय रहेंगे। सादर श्रद्धांजलि, ओम शांति।

भूपेंद्र सिंह, गृहमंत्री, मप्र

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