पुरुष वर्चस्ववाद की निशानी है बिंदी

By Independent Mail | Last Updated: Aug 20 2018 8:07PM
पुरुष वर्चस्ववाद की निशानी है बिंदी

एक समाचार चैनल पर एंकर बिंदी लगाने के फायदे बता रही थी। उसका कहना था कि बिंदी ठीक उस जगह लगायी जाती है, जहां आज्ञाचक्र होता है और इससे वह चक्र जाग जाता है। आज्ञाचक्र जागने के बाद विवेक जाग जाता है जिससे सही गलत की पहचान करना आसान होता है। एंकर ने कहा कि महिलाएं चूंकि बिंदी लगाती हैं, इसीलिए वे सही और गलत की पहचान जल्दी कर लेती हैं। यहां हम दुनिया भर की उन महिलाओं की बात नहीं करेंगे जो बिंदी नहीं लगातीं लेकिन यह तो जरूर कहेंगे कि आज्ञाचक्र जगाने की सबसे ज्यादा जरूरत पुरुषों को है। अगर बलात्कारियों का यह चक्र जाग जाएगा, तो कम से कम वे बलात्कार तो नहीं करेंगे। तब कोई एंकर यह क्यों नहीं बताती कि पुरुषों का आज्ञाचक्र अगर जाग जाएगा, तो उन्हें उससे कितना लाभ होगा? बिंदी आज्ञाचक्र का मामला नहीं है, पुरुष वर्चस्ववाद का मामला है। अगर इससे विवेक जागता होता, तो बिंदी का प्रचलन पूरी दुनिया में होता, केवल भारत की हिंदू महिलाओं के बीच नहीं।

पिंकी सराहिया की फेसबुक वॉल से....

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