हार्दिक ने शुरू की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल

By Independent Mail | Last Updated: Aug 25 2018 8:51PM
हार्दिक ने शुरू की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल

एजेंसी, अहमदाबाद। पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने पाटीदारों के लिए आरक्षण की मांग को लेकर शनिवार को यहां अपने फॉर्महाउस में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर की। इससे पहले गुजरात सरकार प्रदर्शन के लिए विभिन्न स्थानों की अनुमति देने से इंकार कर दिया था। पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (पीएएएस) के नेता ने अपने फॉर्महाउस में पूजा के बाद कई कांग्रेस विधायकों और अपने समर्थकों की उपस्थिति में दोपहर तीन बजे भूख हड़ताल शुरू की। यहां बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। यह परिसर में आने जाने वालों की तलाशी ले रहे थे। हार्दिक पटेल के फॉर्म हाउस में उपस्थित लोगों में दोराजी से कांग्रेस विधायक ललित वसोया, पाटन से कीर्ति पटेल, टनकारा से ललित कगाथरा, मोरबी से ब्रजेश मेरजा और उंझा से आशा पटेल शामिल रहे।

अन्य कांग्रेस विधायक आज से हड़ताल में बैठेंगे

वसोया ने कहा कि वह अन्य कांग्रेस विधायकों के साथ रविवार से सांकेतिक भूख हड़ताल पर बैठ जायेंगे। हार्दिक पटेल ने आरोप लगाया कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने उनको अनुमति देने से इनकार कर दिया क्योंकि वह उनके आंदोलन को विफल करने की कोशिश कर रही है। पुलिस ने कहा कि यह कदम कानून और व्यवस्था की स्थिति के मद्देनजर उठाया गया है। इस तरह के प्रदर्शन के दौरान पहले हिंसा हो चुकी है।

तीसरी वर्षगांठ पर लिया फैसला

हार्दिक पटेल ने कहा कि बताया कि पाटीदार आंदोलन की शनिवार को तीसरी वर्षगांठ है। दो महीने पहले उन्होंने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की अनुमति मांगी थी लेकिन उन्हें अनुमति नहीं दी गयी। इसके बाद उन्होंने निर्णय किया कि अपने आवास पर यह करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके 16000 समर्थकों को हिरासत में ले लिया है और अहमदाबाद की तरफ आने वाले राजमर्गों पर रुकावट और अवरोध लगाया है ताकि लोग उनके भूख हड़ताल में शामिल ना हो सकें। पुलिस महानिरीक्षक (खुफिया) आर बी ब्रह्मभट्ट ने हिरासत में लिये गये लोगों की संख्या 158 बतायी है।

गुर्जर महासभा ने अनुसूचित जनजाति वर्ग में आरक्षण देने की मांग की

जयपुर।अखंड भारत गुर्जर महासभा ने गुर्जरों को अनुसूचित जनजाति के तहत आरक्षण देने की मांग की है। महासभा का कहना है कि अपनी इस मांग को लेकर वह संसद के आगामी सत्र के दौरान दिल्ली में प्रदर्शन करेगी। महासभा के राष्ट्रीय संयोजक डी एस लोहमरोड़ ने शनिवार को यहां संवाददाताओं से कहा कि संगठन की मांग है कि गुर्जरों को अनुसूचित जनजाति में आरक्षण दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग 60 लाख की आबादी वाले इस समुदाय को सरकार में उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।

महासभा कर सकती है शांतिपूर्ण आंदोलन

उन्होंने कहा कि महासभा शांतिपूर्ण आंदोलन में विश्वास रखती है और वह अपनी मांगों से प्रधानमंत्री को अवगत कराएगी। राजस्थान में गुर्जरों को आरक्षण के लंबे समय से चले आ रहे विवाद पर लोहमरोड़ ने कहा कि कांग्रेस व भाजपा को इस बारे में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 2002 के बाद से केंद्र व राज्य में दोनों ही राजनीतिक दलों की सरकारें रह चुकी हैं लेकिन गुर्जर आरक्षण की मांग पूरी नहीं हुई है। उन्होंने सरकार द्वारा गुर्जरों के हितों की अनदेखी का आरोप लगाया और कहा कि किरौड़ी सिंह बैंसला की अगुवाई वाली गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति व राज्य सरकार ने इस मामले का राजनीतिकरण कर अपने अपने हित साधे हैं।

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