जनता समझ चुकी है अन्ना हजारे का सच

By Independent Mail | Last Updated: Jul 30 2018 7:40PM
जनता समझ चुकी है अन्ना हजारे का सच

अपने-आपको गांधीवादी कार्यकर्ता कहने वाले अन्ना हजारे की ताजा मुनादी सामने आयी है कि केंद्र सरकार द्वारा लोकपाल की नियुक्ति में देर करने के खिलाफ वह दो अक्टूबर, गांधी जयंती से आमरण अनशन करेंगे। अन्ना 2011 में दिल्ली में 12 दिनों की भूख हड़ताल के बाद देश में लोकपाल आंदोलन का चेहरा बन गये थे। उनके आमरण अनशन के बाद ही तत्कालीन यूपीए सरकार ने सदन में लोकपाल विधेयक पारित कराया था लेकिन कई बरस गुजर जाने के बाद भी लोकपाल की नियुक्ति नहीं हुई है और सुप्रीम कोर्ट इन बरसों में कई बार मोदी सरकार को छिड़क भी चुका है। 2011 में अन्ना हजारे ने जिस अंदाज में आंदोलन शुरू किया था, उसे मोदी सरकार आने के बाद किनारे रखकर वह अपने गांव रालेगान सिद्धि जाकर सो गये थे। अब जब सुप्रीम कोर्ट केंद्र सरकार से सीधे-सीधे समय मांग चुका है कि वह बताये कि कब तक लोकपाल नियुक्त होगा और अब केंद्र के हलफनामे का दिन भी आ गया है, तब अन्ना हजारे एक बार फिर आंदोलन की बात क्यों कर रहे हैं?

वरिष्ठ पत्रकार सुशील कुमार की फेसबुक वॉल से

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