भविष्य के अकेलेपन की ओर इशारा करते हैं किराए के दोस्त

By Independent Mail | Last Updated: Feb 7 2018 3:37PM
भविष्य के अकेलेपन की ओर इशारा करते हैं किराए के दोस्त

इंडिपेंडेंट मेल। जहां एक ओर भारत समेत कई विकासशील देश बढती आबादी से परेशान हैं, वहीं कई विकसित देशों में घटती आबादी, सामाजिक अकेलापन और टूटते परिवार नए तरह की समस्याओं को जन्म दे रहे हैं। इन्ही समस्याओं से निबटने का एक अनोखा तरीका है किराए के दोस्त या रिश्तेदार। अब तक हमने किराए पर मिलने वाले मकान, घर के सामानों के बारे में सुना है जिनका उपयोग हम किराया चुकाकर करते हैं और फिर वापस कर देते हैं, लेकिन अब किराए के दोस्त भी एक सच्चाई बन रहे हैं।

जापान में शुरू हुआ ट्रेंड

जापान में यह नया ट्रेंड अब लोकप्रिय हो चला है, जिसके अंतर्गत अकेला महसूस कर रहे बुजुर्ग या फिर परिवार से अगल रहने वाले टीनएजर्स, अपने लिए किराए का दोस्त बुला सकते हैं। उन्हें अपनी बातें शेयर करने के लिए किराए पर लोग मिल जाते हैं। वो लोग जो कुछ ऐसी बातें परिवार से नहीं कर पाते, अपने किराए के दोस्त को ऐसी बातें आसानी से बता रहे हैं। जापान में इन सुनने वाले पेशेवरों को 'ओस्सान' कहते हैं। इसके लिए आपको इन लोगों का किराया चुकाना होता है। यह घंटेभर के लिए एक हजार येन या उससे ज्यादा वसूलते हैं।

जापान में ऐसी कई एजेसियां हैं, जो कस्टमर्स को नकली दोस्त या फिर फेक रिश्तेदार मुहैया कराती हैं। इस सर्विस का इस्तेमाल केवल अपनी मन की बातों को करने के लिए ही नहीं, बल्कि इन्हें शादी, पार्टी या फिर अलग-अलग मौकों पर बुलाने के लिए भी किया जा सकता है। ऐसे मौकों पर आपके साथ जाने के लिए ये अतिरिक्त चार्ज वसूलते हैं। इस तरह की सर्विस देने वाली कंपनियों का कहना है कि वो लोगों का अकेलापन दूर करने का काम कर रही हैं। कई बार अजीब क्लाइंट्स मिलते हैं और ऐसी एजेंसी चलाने वालों को बहुत सारे अनूठे भावुक अनुभव हुए हैं।

तरह-तरह के लोग

अकेला महसूस कर रहे बुजुर्ग तथा उलझनों में फंसें टीनएजर्स, अपनी बातें शेयर करने के लिए किराए पर शख्स ले रहे हैं। ऐसी एजेंसी चला रहे एक व्यक्ति का कहना है कि उनकी टीम में 45-55 साल के पुरुष हैं। उनके ग्राहकों में बड़ी संख्या स्कूल गर्ल्स की है। ये टीम हर माह 30-40 लोगों को सर्विस देते हैं। इन्हें तरह-तरह के लोग मिलते हैं जैसे लगभग 80 साल की महिला जो हर हफ्ते उन्हें पार्क में मिलती हैं, एक छात्र जो बिजनेस में कुछ कर दिखाना चाहता था, पर परिवार के सपोर्ट न मिलने से निराश हो गया था, या एक युवा कर्मचारी था जो जानना चाहता था कि कंपनी के डायरेक्टर के साथ कैसे बर्ताव करें।

सामाजिक अलगाव

जापान इन दिनों सामाजिक अलगाव से संघर्ष कर रहा है। इसमें लोग सामाजिक रूप से घुलने-मिलने की बजाय घर में रहना पसंद करते हैं। जिन लोगों ने ये सर्विस ली है उनका कहना है कि इसके बाद वो परिवार और दोस्तों की अपेक्षाएं भूलकर खुद को व्यक्त करना सीख रहे हैं। जापान जैसे कड़े सामाजिक बंधनों वाले देश में ये सुखद बदलाव है। ऐसे किराए के रिश्तों में ख़ास बात यही है कि जिससे लोग बात कर रहे हैं, उसे वे जानते नहीं। इससे वह अपनी बात को बेहतर तरीके से कह पाते हैं।

वेबसाइट पर किराए पर रिश्तेदार

जापान में लोकप्रिय हो रही एक वेबसाइट के जरिये आप मां, बाप, बीवी और बच्चों के साथ कई तरह की चीज़े भी किराए पर ले सकते हैं। इन चीजों में कपड़ों से लेकर मां, बाप, बीवी और बच्चे तक को किराए पर लिया जा सकता है। वहीं, अगर आप सिंगल है तो ये वेबसाइट आपकी इच्छानुसार मेल या फीमेल पार्टनर भी उपलब्ध करवाती हैं। अगर आपको बच्चे अच्छे लगते हैं तो आप बच्चे तो किराए पर ले ही सकते हैं। साथ ही अगर आपके बच्चे हैं तो उनके लिए आप केयरटेकर, होम ट्यूटर, आदि कई सुविधाएं भी इस वेबसाइट से किराए पर ले सकते हैं।

हर उम्र के कलाकार

इशी युइची 36 वर्षीय आकर्षक व्यक्ति हैं, जो ऐसी ही एक एजेंसी चलाते हैं जिसका नाम है ‘फैमिली रोमांस।’ वे स्वयं भी एक दोस्त, पति, पिता या पारिवरिक उत्सव या श्रद्धांजलि के मौकों पर रिश्तेदार का किरदार निभाते हैं। उनकी कम्पनी आठ साल पुरानी है और उनके पास ऐसे कई पेशेवर कलाकार हैं, जो ग्राहकों के जीवन में कोई भूमिका निभा सकते हैं। अब उनके पास 800 से भी ज्यादा कर्मचारी हैं, जिसमे बच्चों से लेकर बुजुर्ग शामिल हैं, और इस तरह उनकी कंपनी किसी भी परिस्थिति के लिए कलाकार उप्लब्ध करा सकती है।

युइची का यह स्पष्ट रूप से मानना है कि इस दुनिया में न्याय कभी नहीं मिलता और उनका यह व्यसाय इसी वजह से चल रहा है। वे कहते हैं कि वे अपने काम के जरिये लोगों को उनके जीवन की कमियों और अकेलेपन से निजात दिलाने का काम करते हैं। उनका यह भी कहना है कि वे भविष्य में अपने काम में कई गुना बढ़ोतरी की उम्मीद करते हैं।

समाज में संतुलन बना रहे

उन्हें लगता है अपने काम से वे समाज में एक कमी को दूर कर के एक संतुलन ही बना रहे हैं। यह भी सच है कि इस तरह मिलने वाली ख़ुशी या संतोष ज्यादा देर तक टिकता नहीं है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि वह अर्थहीन है। यदि किसी बच्चे को उसकी जरूरत के समय एक पिता की भूमिका निभाने वाला कलाकार मिल गया, तो उस बच्चे के जीवन पर तो सकारात्मक असर ही पड़ा, भले ही बाद में उसे यह बात पता चल जाए कि बचपन में जो व्यक्ति उसे पिता के रूप में मिला था वह एक कलाकार था।

वे अपनी निजी जिंदगी में कुछ ज्यादा नहीं चाहते। वे इतने ज्यादा लोगों से मिल चुके हैं, इतनी सारी भूमिकाएं निभा चुके हैं कि उन्हें लगता है उन्होंने अपनी जिंदगी के सारे सपने पूरे कर लिए हैं। अब उन्हें लगता है कि वे संतुष्ट हैं, और समाज को उनकी जरूरत है।

कुछ अनोखे उदाहरण

एक एजेंसी के मालिक ने बताया कि उनकी एक दोस्त थी जो पति से अलग रहती थी और उसके एक बच्चा था। वह बच्चा एक बड़े स्कूल में दाखिला लेना चाहता था, लेकिन पिता न होने की वजह से ऐसा नहीं हो पा रहा था। उस व्यक्ति ने उस समय उस बच्चे के पिता की भूमिका निभाई। हालांकि उस मौके पर वे उस बच्चे को दाखिला दिला पाने में असफल रहे, लेकिन इस घटना से उन्हें यह काम करने की प्रेरणा मिली। उनका पहला सफल काम था एक 12 साल की बच्ची के पिता की भूमिका निभाना, जिसे उसके स्कूल के अन्य बच्चे तंग करते थे। उस बच्ची के पिता के रूप में वे सफल रहे, और वह बच्ची आज भी उन्हें अपना पिता ही मानती है, क्योंकि उसकी मां ने उसे सच्चाई बताई नहीं है।

सबसे बड़ी समस्या

आमतौर पर इस तरह के काम में एक कलाकार को एक समय में केवल पांच परिवारों के साथ ही काम करने की इजाजत है। गोपनीयता बनाए रखना एक और सबसे बड़ी शर्त है। इस कारोबार में सबसे बड़ी समस्या है ग्राहकों से यह पूछना कि क्या वे इस झूठ के साथ रह लेंगे? अधिकतर कलाकार इस काम को एक व्यवसाय की तरह ही लेते हीन और इसे अपनी निजी ज़िन्दगी पर हावी नहीं होने देते। कुछ कलाकारों का कहना है कि भूमिका पूरी हो जाने के बाद उन्हें बहुत दुःख होता है कि उन्हें जाना पड़ रहा है, क्योंकि उन्हें अपने झूठ बोलने से अपराध बोध होता है।

क्या चाहते हैं ग्राहक

हर ग्राहक चाहता है कि जो भी कलाकार मिले वह एक श्रेष्ठ पति या सर्वश्रेष्ठ पिता की भूमिका निभाए। यह भी अपने आप में एक कठिन काम है। लेकिन ऐसा करने के लिए कलाकार एक आर्डर फॉर्म देते हैं, जिसमें संभावित बातें लिखी रहती हैं– जैसे बालों की स्टाइल, दाढ़ी या मूंछ रखना, कपड़े पहनने का तरीका, बोलने का तरीका, निजी आदतें, आदि। जिसके जीवन में एक पति है, या एक पिता है, उसे तो किराए पर इन्हें लेने की जरूरत ही नहीं है।

दिल्ली में भी शुरुआत

दिल्ली में भी एक ऐसी ही सर्विस चल रही है, जिसके माध्यम से एकाकी जीवन जी रहे लोगों, खास तौर पर युवाओं को टारगेट कर किराए के दोस्त उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। ये बेवसाइट भी अलग-अलग रेंज में दोस्त उपलब्ध करवा रही हैं। इसमें डिनर के लिए या फिर मूवी थियेटर जाने के लिए दोस्त मंगवा सकते हैं। इनसे मौसम पर बातचीत करना, राजनीतिक मुद्दों पर बात करना आदि विषय शामिल हैं। ग्राहक विषय खुद तय करते हैं, क्योंकि किराए के दोस्त से एक घंटे की बातचीत के लिए भुगतान भी उन्हें ही करना है। एक घंटे की बातचीत के लिए करीब 600 रुपए भुगतान करना होगा। हालांकि, किराया कितना होगा, यह आपके मकसद पर निर्भर होगा। कई वेबसाइट किराए के अलावा 1000 से लेकर 1500 रुपए शुरुआती सदस्यता शुल्क भी लेते हैं।

गलत इस्तेमाल भी हो रहा

इस ट्रेंड के शुरू होने से पहले से इंटरनेट पर फ्रेंडशिप के नाम पर ऐसी कई वेबसाइट चल रही हैं, जिनमे दोस्त दिलवाने की आड़ में कुछ और ही काम होता है। ऑनलाइन फ्रेंड को लेकर कई तरह के सवाल खड़े होते रहे हैं, ऐसी कई घटनाएं भी सामने आई हैं, जो दोस्ती के नाम पर कुछ और हैं और वे ‘डेटिंग’ का भी दावा करते हैं।

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