नीतीश के इस काम की सराहना जरूरी है

By Independent Mail | Last Updated: Aug 31 2019 8:43PM
नीतीश के इस काम की सराहना जरूरी है

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर से चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने गुटखा, पान मसाला पर प्रतिबंध लगा दिया है। मैग्नीशियम काबोर्नेट युक्त पान मसाला के निर्माण करने, भंडार करने, वितरण करने, परिवहन और बिक्री करने पर बिहार में प्रतिबंध लगा दिया गया है। अब इस मामले में जो भी पकड़ा जाएगा उसपर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह प्रतिबंध फिलहाल एक साल के लिए ही लगाया गया है। बिहार में इससे पहले नीतीश सरकार ने शराब पर प्रतिबंध लगाया था। नीतीश की शराब नीति की दुनियाभर में प्रशंसा हुई। खबरों के मामले में भी इस नीति की चर्चा हुई और कई समाज विज्ञानियों ने इस शराब बंदी पर शोध भी प्रस्तुत किए हैं। आंकड़े बताते हैं कि बिहार में शराब बंदी के कारण अपराध में कमी आयी है। हालांकि इस मामले में कुछ आलोचकों का कहना है कि उपर से शराब बंदी दिखती है लेकिन अंदर से ऐसी कोई बात नहीं है। शराब की तस्करी हो रही है और बड़े पैमाने पर तस्करी हो रही है। ग्रामीण स्तरों पर भी शराब के वेंडर अवैध तरीके से शराब उपलब्ध करा रहे हैं। इसलिए ऐसा कहना कि नीतीश कुमार की शराब बंदी योजना पूर्ण रूप से सफल हुई है ऐसी कोई बात नहीं है। हालांकि पुलिस डायरी और आंकड़ों में बहुत कुछ बदल गया है। आंकड़ों में तो अपराध में कमी आयी है। यही नहीं बिहार में सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आयी है। अब बिहार में कोई शराब पी कर सड़क पर घूमता नहीं दिखता है। इसलिए इसका प्रभाव तो पड़ ही रहा है।अब नीतीश कुमार ने नया संकल्प अपने हाथ में लिया है। उन्होंने पान मसाला और गुटखा पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके भी परिणाम अच्छे हो सकते हैं। हालांकि इसकी भी आलोचना होने लगी है लेकिन नीतीश का यह भी प्रयास सराहना योग्य है। बता दें कि बिहार में अलग-अलग जिलों से जून से अगस्त 2019 के बीच 20 नामी गिरामी पान मसाला कंपनियों के सैंपल जब्त किए गए थे। इनकी जांच में मैग्निशियम काबोर्नेट की मात्रा अधिक पाए जाने के बाद यह रोक लगाई गई है। बिहार में इससे पहले नीतीश सरकार ने शराब पर प्रतिबंध लगाया था। मैग्निशियम काबोर्नेट का प्रयोग फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड रेगुलेशन 2011 का उल्लंघन है। बता दें कि इसी साल जून और अगस्त के बीच में खाद्य संरक्षा विभाग ने 20 ब्रांड के पान मसाला के नमूनों की जांच करने के बाद इस बात को सही पाया कि पान मसाला में मैग्नीशियम काबोर्नेट होते हैं, जिसकी वजह से हृदय रोग और अन्य गंभीर किस्म की बीमारियां होती हैं। जिन ब्रांड के पान मसाला की जांच की गई उनमें रजनीगंधा पान मसाला, राज निवास पान मसाला, सुप्रीम पान पराग पान मसाला, पान पराग पान मसाला, बहार पान मसाला, बाहुबली पान मसाला, राजश्री पान मसाला, रौनक पान मसाला, सिग्नेचर पान मसाला, कमला पसंद पान मसाला, मधु पान मसाला शामिल हैं। इसके लगातार सेवन से एक्यूट हाइपर मैग्नीशिया और कार्डियक अरेस्ट जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। गुटखे के कारण कई प्रकार की बीमारियों होती है। खासकर मुंह का कैंसर इसके कारण होता है। इसलिए इसपर प्रतिबंध लगना जरूरी था। नीतीश कुमार के इस मॉडल को पूरे देश में लागू किया जाना चाहिए। नीतीश कुमार सोच वाले राजनेता हैं। हालांकि वे अपनी सोच के कारण आलोचकों के निशाने पर रहते हैं लेकिन वे जो सोचते हैं उसमें समाज का कल्याण छुपा होता है। नीतीश कुमार हर काम केवल लोकप्रियता के लिए ही नहीं करते हैं। उत्तराखंड के बारे में कहा जाता है कि अगर उत्तराखंड में शराब पर प्रतिबंध लगा दी जाए तो लगाने वाली सरकार दूसरी बार नहीं आएगी। पहाड़ पर शराब की खपत ज्यादा है लेकिन बिहार में ऐसी बात नहीं है। शराब पर प्रतिबंध के कारण नीतीश कुमार की लोकप्रियता बढ़ गयी। वे दुबारा चुनाव जीते और मुख्यमंत्री भी बने। इस बार उन्होंने पान मसाला और गुटखा पर प्रतिबंध लगाया है। इस बार भी नीतीश अपने संकल्प में सफल रहेंगे। इनकी कार्रवाई की प्रशंसा के साथ ही साथ सराहना भी होनी चाहिए। 

image
Copyrights @ 2017 Independent NewsCorp (P) Ltd., Bhopal. All Right Reserved