दिल्ली में प्रदूषण पर रोक की कवायद प्रारंभ

By Independent Mail | Last Updated: Nov 1 2018 9:48PM
दिल्ली में प्रदूषण पर रोक की कवायद प्रारंभ

एजेंसी, नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण से बुरा हाल है। अगले कुछ दिनों में प्रदूषण और बढ़ने के आसार हैं, जिससे निपटने के लिए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान को लागू कर दिया गया है। इसके तहत 10 नवंबर तक दिल्ली-एनसीआर में सभी निर्माण कार्य बंद रहेंगे। स्टोन क्रशर और हॉट मिक्स प्लांट बंद रहेंगे। वायु प्रदूषण की निगरानी के लिए विभिन्न एजेंसियों के करीब 44 संयुक्त दलों को गुरुवार को नियुक्त कर दिया गया है। दिल्ली सरकार ने एक बयान में कहा कि इन दलों को वायु प्रदूषण फैलाने के जिम्मेदार लोगों के लिए दण्डात्मक कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है। उसने दिल्लीवासियों से अनुरोध किया है कि वे अगले 10 दिन तक निजी वाहनों का उपयोग न करें। उन्हें आवागमन के लिए सार्वजिनक परिवहन का इस्तेमाल करना चाहिए।

वायु की गुणवत्ता बेहद खराब

दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार से वायु की गुणवत्ता बेहद खराब है। केन्द्रीय प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 401 तक पहुंच गया जो 'बेहद खराब' श्रेणी में आता है। केन्द्र द्वारा चलाए जाने वाले सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी फोरकास्टिंग एंड रिसर्च ने गुरुवार को एक्यूआई 410 दर्ज किया। बता दें कि इस वर्गीकरण के तहत 0 से 50 एक्यूआई को अच्छा, 51 से 100 तक को संतोषजनक, 101 से 200 तक मध्यम, 201 से 300 तक खराब और 301 से 400 के बीच बेहद खराब माना जाता है। दिल्ली बेहद खराब वाली स्थिति में पहुंच गई है। यही हाल नोएडा का भी है।

निगरानी के लिए दल गठित

दिल्ली सरकार ने प्रदूषण की निगरानी के लिए दलों का गठन कर दिया है। इन दलों में एसडीएम के साथ तहसीलदार, संबंधित नगर निगम के अधिकारी, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति, पर्यावरण विभाग तथा केन्द्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के अधिकारी शामिल हैं।

सोशल मीडिया पर खोले एकाउंट

केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की शिकायतें दर्ज कराने के लिए उसने ट्विटर और फेसबुक पर एकाउंट खोले हैं। जस्टिस मदन बी. लोकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सोशल मीडिया पर खोले गए इन एकाउंट का व्यापक प्रचार करने और इस बारे में विज्ञापन देने का निर्देश दिया, ताकि नागरिकों को इसकी जानकारी मिल सके और वे अपनी शिकायतें दर्ज करा सकें। शीर्ष अदालत ने इस बात पर नाराजगी व्यक्त की कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा सात अप्रैल, 2015 को अपने आदेश में दिल्ली-एनसीआर में 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों और 10 साल पुराने डीजल वाहनों के प्रचालन पर पाबंदी लगाए जाने के बावजूद इन निर्देशों पर अमल नहीं किया गया है। पीठ ने इस तथ्य का भी जिक्र किया कि ऐसे वाहनों के प्रचालन पर पाबंदी लगाने के अधिकरण के निर्देशों के खिलाफ दायर याचिका शीर्ष अदालत ने मई, 2015 में खारिज कर दी थी। गौरतलब है कि दिल्ली के प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई हो रही है।

उत्तर प्रदेश में 17 कारखाने बंद

एनसीआर के करीब पड़ने वाले उत्तर प्रदेश के सहारनपुर एवं बुलंदशहर जिलों में प्रदूषण फैलाने वाली 20 फैक्ट्रियों को बंद करने के आदेश दिए गए हैं। यह आदेश सहारनपुर के मुख्य पर्यावरण अधिकारी ने दिए। यह विभाग पहले भी डेढ़ दर्जन फैक्ट्रियां बंद करा चुका है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी एसआर मौर्या ने बताया कि छह एल्युमीनियम, पांच लेड, पांच फाऊंड्री और एक हौजरी समेत कुल 17 फैक्ट्रियों को बंद किए जाने का आदेश दिया गया है। जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडे ने इस आदेश का क्रियान्वयन कराए जाने के आदेश दिए हैं।

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