पटना के 5500 घरों में पाइप के जरिए होगी गैस की आपूर्ति

By Independent Mail | Last Updated: Jan 4 2019 1:18AM
पटना के 5500 घरों में पाइप के जरिए होगी गैस की आपूर्ति

एजेंसी, पटना। उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि फरवरी से पटना के 5500 घरों में पाइप से गैस की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। बीआईटी मेसरा और जगदेव पथ के आसपास के क्षेत्रों में गैस पाइप बिछाने का काम पूरा हो गया है। बहुमंजिला इमारतों में निर्माण के दौरान ही गैस का पाइप भी लगाया जा सके, इसके लिए सरकार बिल्डिंग बाईलॉज में संशोधन करेगी। वहीं सीएनजी और बैट्री चालित वाहनों के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए सरकार वाहन रजिस्ट्रेशन शुल्क कम करने पर भी विचार कर सकती है। गुरुवार को उपमुख्यमंत्री होटल मौर्या में पेट्रोलियम व नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड की ओर से बिहार के 21 जिलों में पाइपलाइन से गैस वितरण के लिए 10वें निविदा राउंड समारोह को संबोधित कर रहे थे।

राज्य में लगाए जाएंगे गैस आधारित उद्योग

सुशील मोदी ने कहा कि पाइप से गैस की आपूर्ति होने से जहां घरों में सिलेंडर की जगह सीधे पीएनजी मिलेगी वहीं गैस आधारित उद्योग भी राज्य में लगेंगे। पुराने वाहनों को सीएनजी में परिवर्तित करने के लिए 30-40 हजार में किट उपलब्ध है। पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की तुलना में सीएनजी 35-40 प्रतिशत सस्ता है। सीएनजी के प्रयोग से वायु प्रदूषण के नियंत्रण में मदद मिलेगी।

उपमुख्यमंत्री ने गेल इंडिया से अगले 5 साल में पटना के 50 हजार घरों में पाइप से एलपीजी आपूर्ति के लक्ष्य को संशोधित कर बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पटना की आबादी 30 लाख से अधिक है। ऐसे में महज 50 हजार के घरों तक ही पाइप से गैस की आपूर्ति करना उचित नहीं है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार फुलवारीशरीफ में सीएनजी गेट स्टेशन की स्थापना के लिए 100 करोड़ कीमत की डेढ़ एकड़ जमीन 48 करोड़ में उपलब्ध कराने जा रही है। मार्च तक पटना में 3 सीएनजी स्टेशन तथा 2019-20 में 4 नए स्टेशन स्थापित होंगे।

6 करोड़ लोगों को दिया जा चुका है कनेक्शन

सुशील मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत 1 दिसंबर 2018 तक बिहार के 70 लाख गरीबों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए गए हैं। राज्य में 1 अप्रैल 2014 को मात्र 23.5 फीसद (38 लाख घरों) तक में ही एलपीजी कनेक्शन था, जबकि 31 दिसम्बर 2018 को बढ़कर 68.36 फीसद हो गया है  यानि राज्य के 1.53 करोड़ घरों में एलपीजी कनेक्शन हैं। पूरे देश में मार्च 2019 तक 5 करोड़ परिवारों को गैस कनेक्शन देने के लक्ष्य के विरुद्ध 2 जनवरी तक ही 6 करोड़ को कनेक्शन दिया जा चुका है। 2021 तक 8 करोड़ परिवारों को उज्जवला के तहत गैस कनेक्शन देने का लक्ष्य है।

सोलर पावर प्लांट लगाने का लिया गया निर्णय

डिप्टी सीएम ने उज्जवला योजना के उपभोक्ताओं द्वारा दोबारा सिलेंडर रिफिल नहीं कराने के आरोप का खंडन करते हुए कहा कि अखिल भारतीय औसत 4 के विरुद्ध बिहार में रिफिल कराने का औसत 3.86 है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन देश और दुनिया के सामने बड़ी चुनौती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस चुनौती को स्वीकार किया है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में काम कर रही है। राज्य सरकार ने प्रदूषण को ध्यान में रखकर ही बिहार सरकार ने कजरा (लखीसराय) और पीरपैंती (भागलपुर) में प्रस्तावित थर्मल की जगह 200-200 मेगावाट के सोलर पावर प्लांट लगाने का निर्णय लिया है। 

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