बिहार में गूगल की मदद से तालाब व कुओं को खोजकर किया जाएगा जीर्णोद्धार

By Independent Mail | Last Updated: Sep 3 2019 8:58AM
बिहार में गूगल की मदद से तालाब व कुओं को खोजकर किया जाएगा जीर्णोद्धार

पटना, एजेंसी। बिहार में जल संचय के लिए कमर कस चुकी सरकार अब सार्वजनिक तालाबों व कुओं की खोज के लिए गूगल अर्थ का सहारा लेगी। इसके बाद इनका जीर्णोद्धार किया जाएगा। बिहार में भूमिगत-जल के लगातार गिरते स्तर को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के सभी सार्वजनिक तालाबों को अतिक्रमण से मुक्त कर उनका जीर्णोद्घार करने का आदेश दिया है। इस आदेश के बाद सार्वजनिक तालाब, पोखर और कुओं के जीर्णोद्घार के लिए मनरेगा के तहत कार्ययोजना तैयार की गई है। बिहार के मनरेगा आयुक्त सी़ पी़ खंडूजा ने राज्य के सभी जिला प्रशासन को पत्र लिखकर पूरी कार्ययोजना की जानकारी दी है। इसी के साथ राजस्व व भूमि सुधार विभाग ने जिलों के पदाधिकारियों को गूगल मैप ऐप की मदद लेते हुए इनकी खोज कर इन्हें अतिक्रमण से मुक्त कराने का काम सौंपा है। खंडूजा ने बताया, "अगले वर्ष मई तक सार्वजनिक तालाब, पोखर व कुओं को खोजने और इन्हें अतिक्रमण मुक्त करने की समय सीमा तय कर दी गई है। सभी जिलों को पत्र लिखकर तालाबों की खोज के लिए गूगल अर्थ का भी सहारा लेने को कहा गया है। एक अधिकारी के मुताबिक इस साल 31 दिसंबर तक हर हाल में तालाब, कुओं व अन्य जल संचयन के संसाधनों को अतिक्रमण मुक्त करना है। इसके बाद इनके जीर्णोद्घार का काम 31 दिसंबर से शुरू हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों कहा था कि भूजल स्तर को बेहतर बनाए रखने के लिए जलसंचय के परंपरागत तरीकों को अपनाना बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री ने स्वयं माना कि तालाब, पोखर व कुओं का अतिक्रमण कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि पहले चरण में सभी तालाबों को चिहिन्त कर उन्हें अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। इसके बाद इनकी साफ-सफाई कराकर भूमिगत जलस्तर को सामान्य बनाने की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।

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