गुजरात पेयजल संकट: वैकल्पिक स्रोत की तलाश कर रही सरकार

By Independent Mail | Last Updated: Feb 13 2018 7:45PM
गुजरात पेयजल संकट: वैकल्पिक स्रोत की तलाश कर रही सरकार
एजेंसी, अहमदाबाद। गुजरात में पेयजल की जरूरत को पूरा करने के लिए राज्य सरकार एक वैकल्पिक स्रोत की तलाश कर रही है। ऐसे में, उसके महत्वकांक्षी कल्पसर परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को वर्ष के अंत तक आकार दिए जाने की उम्मीद है। राज्य इन गर्मियों में जल संकट का सामना कर सकता है क्योंकि नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बांध पर राज्य की काफी अधिक निर्भरता है। कल्पसर को राज्य की पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए सरदार सरोवर बांध के विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। दरअसल, कल्पसर परियोजना के तहत खामभाट की घाटी में एक बांध बनाकर समंदर में गिर रही सात नदियों के पानी का इस्तेमाल करने की योजना बनाई गई है। 
 
कल्पसर अनूठी और अपनी तरह की पहली परियोजना
जल प्रबंधन पर गुजरात के मुख्यमंत्री के सलाहकार बी एन नवलवाला ने बताया कि कल्पसर अनूठी और अपनी तरह की पहली परियोजना है। परियोजना को शुरू करने से पहले विभिन्न अध्ययनों को पूरा करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि सभी अध्ययनों को जल्द पूरा कर लिया जाएगा और इस साल के अंत तक हम कल्पसर के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने में सक्षम होंगे। कल्पसर परिेयोजना का विचार 1980 के दशक में जल विशेषज्ञों ने पेश किया था और परियोजना के औचत्य, पर्यावरण एवं आर्थिक प्रभाव तथा अन्य पहलुओं को देखने के लिए अबतक 43 अध्ययन किए जा चुके हैं। नवलवाला ने कहा कि हम समुद्र में दुनिया का एक सबसे बड़ा जलाशय बना रहे हैं और परियोजना के लिए विभिन्न अध्ययनों में लगा वक्त पूरी तरह से उपयुक्त है। 
 
गुजरात नर्मदा बांध पर जरूरत से ज्यादा निर्भर
गुजरात नर्मदा बांध पर अपनी जरूरत से ज्यादा निर्भरता के कारण आने वाली गर्मियों में जल संकट के मुहाने पर खड़ा दिखाई दे रहा है। गुजरात के मुख्य सचिव जे एन सिंह ने हाल ही में घोषणा की थी कि नर्मदा में कम पानी होने के कारण वे उद्योगों को पानी उपलब्ध नहीं करा पाएंगे तथा उन्होंने स्थानीय निकायों से इन गर्मियों पानी की वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए कहा है। नर्मदा नदी के तट के आसपास के इलाकों मुख्यत: मध्य प्रदेश में पिछले मानसून के दौरान कम बारिश हुई और पश्चिमी राज्य को सामान्य मानसून के मुकाबले सरदार सरोवर बांध से केवल 45 फीसदी पानी ही मिला।
 
जल के स्थानीय स्रोतों की संभावनाएं तलाशेगी सरकार
राज्य सरकार ने हाल ही में किसानों को गर्मियों की फसल बोने से बचने को कहा है क्योंकि वह सिंचाई के लिए पानी मुहैया नहीं करा पाएगी। सरकार की उद्योगों को भी पानी की आपूर्ति में कटौती करने की योजना है तथा उसने पेयजल के लिए नर्मदा पर निर्भर रहने वाले शहरों और गांवों के प्रशासन को जल के स्थानीय स्रोतों की संभावनाएं तलाशने के लिए कहा है। 
image
Copyrights @ 2017 Independent NewsCorp (P) Ltd., Bhopal. All Right Reserved